लंभुआ में ‘तूफान’ बने नन्हे सिंह चौहान, विरोधियों के उखड़े पैर

लंभुआ (सुल्तानपुर): “आंधी नहीं तूफान है, नन्हे सिंह चौहान है”— इस समय लंभुआ विधानसभा की हर गली , सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और चौपाल पर बस यही नारा गूंज रहा है। बसपा प्रत्याशी नन्हे सिंह चौहान की बढ़ती लोकप्रियता ने क्षेत्र का पूरा सियासी गणित बदल दिया है।
मुख्य अपडेट:
नन्हे चौहान का दबदबा:जनता के बीच नन्हे चौहान की सीधी पहुंच और बेदाग छवि ने उन्हें जीत का सबसे बड़ा दावेदार बना दिया है। युवा और किसान वर्ग उन्हें ‘बदलाव का नायक’ मान रहा है।
भाजपा की मुश्किल:वर्तमान विधायक सीताराम वर्मा को जनता की नाराजगी और एंटी-इंकम्बेंसी का सामना करना पड़ रहा है। विकास के दावों के बावजूद वे बचाव की मुद्रा में हैं।
सपा में कलह समाजवादी पार्टी के संतोष पांडेय और राम मूर्ति चौरसिया के बीच मची आंतरिक खींचतान ने सपा के वोट बैंक में बिखराव पैदा कर दिया है, जिसका सीधा फायदा नन्हे चौहान को मिल रहा है।
लंभुआ में इस बार मुकाबला एकतरफा होता दिख रहा है। जहां अन्य दल गुटबाजी और सत्ता विरोधी लहर से जूझ रहे हैं, वहीं नन्हे सिंह चौहान ‘जनता के तूफान’ पर सवार होकर जीत की ओर बढ़ रहे हैं।




