सीएम योगी के एक बटन दबाते ही इन लोगों की खुली किस्मत

उत्तर प्रदेश में रविवार का दिन हजारों परिवारों के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत एक साथ दो लाख लाभार्थी परिवारों को राहत और सम्मान की सौगात दी। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित डायरेक्ट फंड ट्रांसफर कार्यक्रम में सीएम योगी ने जैसे ही बटन दबाया, वैसे ही प्रदेश के शहरी इलाकों में रहने वाले दो लाख परिवारों के बैंक खातों में एक-एक लाख रुपये की पहली किस्त सीधे ट्रांसफर हो गई। कुल मिलाकर इस कार्यक्रम के माध्यम से 2 हजार करोड़ रुपये की धनराशि बिना किसी बिचौलिए के लाभार्थियों तक पहुंची। जिन परिवारों ने वर्षों तक पक्के घर का सपना देखा था, उनके चेहरों पर इस रकम के पहुंचते ही खुशी साफ नजर आई। कई लाभार्थियों ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सहारा बताया, तो कुछ ने कहा कि अब बारिश और गर्मी से बचने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
लाभार्थियों से सीधा संवाद, सीएम योगी ने जाना जमीनी सच
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केवल धनराशि ट्रांसफर कर औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि उन्होंने लाभार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी भावनाएं भी जानीं। सीएम योगी ने लाभार्थियों से पूछा कि आवास की किस्त मिलने के बाद उन्हें कैसा महसूस हो रहा है और क्या उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है या नहीं। कई लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, राशन कार्ड और पेंशन जैसी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है। इस पर सीएम योगी ने कहा कि 2014 से पहले गरीबों को योजनाओं का लाभ पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब योजनाएं खुद लोगों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब कोई घूस मांगने की हिम्मत नहीं करता, क्योंकि सभी जानते हैं कि ऐसा करने पर सीधे जेल जाना पड़ेगा। सीएम योगी के इस बयान पर कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
केंद्र और राज्य की साझेदारी से मजबूत हुई आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2014 में हर बेघर परिवार को पक्की छत देने के लक्ष्य के साथ की गई थी। शहरी क्षेत्रों में इस योजना के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला नगरीय विकास अभिकरण यानी डूडा को सौंपी गई है। योजना के तहत शहरी निकाय क्षेत्रों में आवास निर्माण के लिए शासन स्तर से प्रति आवास ढाई लाख रुपये की सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के माध्यम से गरीब, मजदूर, रेहड़ी-पटरी लगाने वाले और निम्न आय वर्ग के लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम से केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी वर्चुअली जुड़े और उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की तेजी और पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इस योजना के क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद पत्र लिखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल एक मकान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गरीबों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता देने का माध्यम है। सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आने वाले समय में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र परिवारों को लाभ पहुंचाएगी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा भी मौजूद रहे और उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इस पूरे आयोजन ने यह साफ कर दिया कि सरकार की मंशा और तकनीक के सही इस्तेमाल से योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सकता है। एक क्लिक में दो लाख घरों की नींव मजबूत करने वाला यह कार्यक्रम आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के शहरी परिदृश्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है।



