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17 साल का वनवास खत्म: ढाका लौटे तारिक रहमान, बोले- ‘अल्लाह ने चाहा तो मिलकर बनाएंगे सपनों का बांग्लादेश’।

यह बांग्लादेश की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है। 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद तारिक रहमान की स्वदेश वापसी ने देश के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

17 साल बाद वतन लौटे तारिक रहमान: ‘नए बांग्लादेश’ का संकल्प और शांति की अपील

ढाका: बांग्लादेश की राजनीति के सबसे ताकतवर चेहरों में से एक और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान गुरुवार (25 दिसंबर) को ढाका लौट आए। 2008 से लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे रहमान का यह आगमन ऐसे समय में हुआ है जब देश अगले साल होने वाले आम चुनावों की दहलीज पर खड़ा है।

1. एयरपोर्ट से सड़कों तक समर्थकों का हुजूम

तारिक रहमान का विमान गुरुवार सुबह 11:41 बजे ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। उनके स्वागत के लिए बीएनपी के हजारों कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उमड़ पड़े। जैसे ही वे बाहर आए, समर्थकों ने नारेबाज़ी कर उनका स्वागत किया और रहमान ने भी हाथ हिलाकर सबका अभिवादन स्वीकार किया।

2. ‘उम्मीदों का बांग्लादेश’ और विकास का वादा

ढाका में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए तारिक रहमान ने एक नए और विकसित बांग्लादेश का विजन पेश किया। उन्होंने कहा:

“अगर अल्लाह ने चाहा तो हम लोग मिलकर, मेहनत करके हमारी उम्मीदों का बांग्लादेश बना सकेंगे। आने वाले दिनों में जो भी देश के नेतृत्व के लिए आगे आएगा, हम सभी उसके नेतृत्व में उस नए नेता के दिखाए रास्ते पर मिलकर विकास के लिए काम करेंगे।”

3. ‘सीक्रेट प्लान’ और भाग्य बदलने की बात

रहमान ने जनता को भरोसा दिलाया कि उनके पास देश की समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि उनके पास देश के विकास और लोगों का भाग्य बदलने के लिए एक ठोस प्लान है। हालांकि, उन्होंने इस योजना का खुलासा अभी नहीं किया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बढ़ गई है।

4. हिंसा रोकने और शांति की कड़ी अपील

देश में चल रही अस्थिरता के बीच, रहमान का सबसे महत्वपूर्ण संदेश शांति को लेकर था। उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की:

* हिंसा का त्याग करें: उन्होंने साफ कहा कि अब हिंसा का समय नहीं है।

* जिम्मेदारी का एहसास: रहमान ने जोर देकर कहा कि “देश में शांति बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

5. 12 फरवरी के चुनाव और बीएनपी की राह

तारिक रहमान की वापसी 12 फरवरी 2026 को होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले हुई है। यह चुनाव कई मायनों में अलग है क्योंकि:

* शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

* बीएनपी अब देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में उभर रही है।

* तारिक रहमान की मौजूदगी बीएनपी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रही है।

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