बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षाकर्मी की बर्बर हत्या: ‘गोली मार दूंगा’ बोलकर साथी ने दबा दिया ट्रिगर; ढाका से मैमनसिंह तक दहशत का माहौल।
बांग्लादेश: सुरक्षाकर्मी ने ही साथी को उतारा मौत के घाट; दो हफ्ते में तीसरे हिंदू की हत्या, सो रहा यूनुस प्रशासन
ढाका/मैमनसिंह, 30 दिसंबर 2025: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय एक बार फिर कट्टरपंथियों और अराजक तत्वों के निशाने पर है। ताज़ा मामला मैमनसिंह (Mymensingh) जिले के भालुका उपजिला का है, जहाँ एक फैक्ट्री में तैनात हिंदू सुरक्षाकर्मी की उसके ही मुस्लिम सहयोगी ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाला अंतरिम प्रशासन देश में शांति बनाए रखने के दावे कर रहा है।
घटना: “गोली मार दूंगा” कहा और दबा दिया ट्रिगर
मृतक की पहचान बृजेंद्र बिस्वास के रूप में हुई है, जो ‘अंसार’ (एक अर्धसैनिक सुरक्षा बल) का सदस्य था।
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क्या हुआ: सोमवार शाम करीब 6:30 बजे, बृजेंद्र अपने साथी नोमान मियां के साथ फैक्ट्री के अंसार बैरक में बैठा था।
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विवाद: चश्मदीदों के मुताबिक, बातचीत के दौरान अचानक नोमान ने अपनी सरकारी शॉटगन बृजेंद्र पर तानी और चिल्लाकर कहा कि वह उसे गोली मार देगा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, नोमान ने ट्रिगर दबा दिया।
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मौत: गोली बृजेंद्र की बाईं जांघ में लगी और अत्यधिक खून बह जाने के कारण अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
दो हफ्ते में तीसरी बड़ी वारदात
यह पिछले 15 दिनों के भीतर बांग्लादेश में किसी हिंदू की हत्या की तीसरी बड़ी घटना है, जिसने यूनुस सरकार की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है:
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18 दिसंबर: मैमनसिंह में ही दीपू चंद्र दास नाम के युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और फिर उसे जला दिया।
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24 दिसंबर: राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल उर्फ सम्राट को भीड़ ने अपना शिकार बनाया।
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29 दिसंबर: अब बृजेंद्र बिस्वास की उसके साथी द्वारा ही हत्या कर दी गई।
सो रहा प्रशासन: क्या ये महज ‘हादसे’ हैं?
यूनुस प्रशासन इन घटनाओं को “स्थानीय विवाद” या “हादसा” बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है। पुलिस ने आरोपी नोमान को हिरासत में तो ले लिया है, लेकिन अल्पसंख्यकों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई ही इन हमलों को बढ़ावा दे रही है। चटगांव से लेकर ढाका तक हिंदू समुदाय के लोग डरे हुए हैं और कई जगहों पर हिंदू घरों में आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आई हैं।
“हम अपनी ही धरती पर चलती-फिरती लाश बन गए हैं। प्रशासन केवल बयान देता है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर हम हर दिन निशाना बनाए जा रहे हैं।” > — एक स्थानीय हिंदू नागरिक (नाम गुप्त रखने की शर्त पर)
भारत की चिंता और कूटनीतिक दबाव
भारत के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में हिंदुओं की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। गौरतलब है कि रिश्तों में तनातनी के बावजूद विदेश मंत्री एस. जयशंकर कल ढाका जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वे खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के साथ-साथ बांग्लादेशी नेतृत्व के सामने हिंदुओं की सुरक्षा का मुद्दा भी मज़बूती से उठा सकते हैं।




