भूपेश बघेल ने हाल ही में केंद्र सरकार और कुछ धार्मिक कथावाचकों पर किया कड़ा प्रहार।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने हाल ही में केंद्र सरकार और कुछ धार्मिक कथावाचकों पर कड़ा प्रहार किया है। उनके बयानों ने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
यहाँ उनके बयानों के मुख्य अंश और विवाद से जुड़ी जानकारी दी गई है –
🚩 ‘मुगल शासन में भी हिंदू खतरे में नहीं था’
भूपेश बघेल ने भाजपा और RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल चुनाव जीतने के लिए ‘डर की राजनीति’ करते हैं। उनके बयान के मुख्य बिंदु:
डर का माहौल: बघेल ने कहा कि देश में सदियों से कई आक्रमणकारी आए और चले गए, लेकिन हिंदू धर्म कभी खतरे में नहीं रहा। यहाँ तक कि मुगल शासन के दौरान भी हिंदू खतरे में नहीं था।
राजनीतिक लाभ: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और RSS ने “हिंदू खतरे में है” का डर दिखाकर जनता का ध्यान भटकाया है और इसी रणनीति से लगातार तीन बार चुनाव जीते हैं।
संस्कृति का अस्तित्व: उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय संस्कृति इतनी गहरी और मजबूत है कि इसे कोई मिटा नहीं सका, लेकिन अब राजनीतिक पदों को बचाने के लिए धर्म के नाम पर डर फैलाया जा रहा है।
🕉️ प्रदीप मिश्रा और धीरेंद्र शास्त्री पर कटाक्ष
बघेल ने प्रसिद्ध कथावाचकों—पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम)—पर भी सवाल उठाए:
अंधविश्वास का आरोप: उन्होंने कहा कि आज के समय में धर्म के नाम पर कुछ लोग अंधविश्वास फैला रहे हैं। उनके अनुसार, धर्म का मार्ग तार्किक और आध्यात्मिक होना चाहिए, न कि चमत्कारों या आडंबरों पर आधारित।
सिद्धियों का दुरुपयोग: इससे पहले भी उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के संदर्भ में कहा था कि सिद्धियों का उपयोग जनहित में होना चाहिए, न कि सार्वजनिक रूप से ‘चमत्कार’ दिखाकर लोगों को भ्रमित करने के लिए। उन्होंने इसे “जादूगरों वाला काम” बताया था।
🏛️ राजनीतिक प्रतिक्रिया (BJP का पलटवार)
भूपेश बघेल के इन बयानों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है:
इतिहास का हवाला: भाजपा नेताओं ने कहा कि मुगलों के समय मंदिरों को तोड़ा गया और हिंदुओं पर अत्याचार हुए, ऐसे में बघेल का यह कहना कि ‘हिंदू खतरे में नहीं था’, इतिहास को झुठलाने जैसा है।
सनातन विरोधी: भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए सनातन धर्म और पूजनीय संतों का अपमान कर रहे हैं।
अन्य समसामयिक घटनाक्रम (21-22 दिसंबर 2025)
भूपेश बघेल ने हाल ही में सोशल मीडिया (X) पर यह दावा भी किया है कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी की संभावना को लेकर सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने इसे एक “राजनीतिक साजिश” करार दिया है।




