इमरान खान पाकिस्तान के लिए ‘राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा’… असीम मुनीर के CDF बनते ही पाकिस्तानी सेना के निशाने पर PTI नेता
इमरान खान की पार्टी PTI और सेना के बीच तनातनी चल रही है। 2022 में खान के सत्ता से बाहर होने के बाद से ही पीटीआई ने सेना पर कई आरोप लगाए हैं तो सेना भी इमरान को निशाना पर ले रही है।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। असीम मुनीर के सीडीएफ बनने के कुछ घंटे बाद ही पाक सेना के प्रवक्ता जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने इमरान को निशाने पर लिया है। चौधरी ने अपने बयान में कहा है कि इमरान खान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। चौधरी ने इमरान को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी को भी सेना के खिलाफ लोगों को भड़काने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
शुक्रवार को जनरल शरीफ चौधरी ने कहा कि इमरान खान और उनकी पार्टी ने सेना के खिलाफ बयानबाजी में हदें पार कर दी हैं। अब यह देश की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है, जिसका सामना करना सेना ने जरूरी समझा है। उन्होंने इमरान खान को दिमाग तौर पर बीमार बताते हुए कहा कि सेना विरोध ही उनकी पूरी पॉलिटिक्स है।
पाकिस्तान विरोधी हैं इमरान
जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका अहंकार और इच्छाएं इतनी बढ़ गई हैं कि वे कहते हैं कि अगर मैं नहीं तो फिर कोई और भी नहीं हो सकता है। अपनी राजनीति में वह इतने गिर गए हैं कि दूसरे देशों से कह रहे हैं कि पैसे भेजना बंद कर दें ताकि पाकिस्तान दिवालिया हो जाए।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम पाकिस्तान के राजनीतिक लोगों का सम्मान करते हैं लेकिन वह सेना को अपनी राजनीति से दूर रखें। हम किसी को भी पाकिस्तान की सेना और अवाम (लोगों) के बीच दरार पैदा करने की अनुमति नहीं देंगे। हम किसी भी कीमत पर आपको सेना के खिलाफ लोगों को भड़काने नहीं देंगे।’
बाहरी शक्तियों से मिले इमरान
चौधरी ने दावा किया कि इमरान खान के बयानों के पीछे एक पूरा प्लान है। यह व्यक्ति बाहरी तत्वों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इससे देश के लिए एक खतरा पैदा होता है। हम साफ कर देना चाहते हैं कि अगर कोई अपनी राजनीतिक सोच के तहत पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को निशाना बनाएगा तो उसे जवाब मिलेगा।
चौधरी ने आगे कहा, ‘हर देश में हमेशा एक आर्मी होती ही है, अगर वह आपकी नहीं है तो वह आपके दुश्मन की होगी। अगर कोई अपनी आर्मी और उसकी लीडरशिप पर हमला कर रहा है तो सवाल है कि क्या वह किसी दूसरी आर्मी के लिए जगह बनाना चाहता है। आखिर वह (इमरान) ऐसा करने की कोशिश क्यों कर रहा है।’




