“नाइजीरिया में गूंजे अमेरिकी बम: ट्रंप के आदेश पर ISIS के ठिकानों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, आतंकवादियों को दी बड़ी चेतावनी।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिसमस के अवसर पर एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की घोषणा करते हुए बताया कि अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया में आतंकवादी संगठन ISIS के ठिकानों पर “सटीक और शक्तिशाली” हमले किए हैं।
नाइजीरिया में अमेरिकी एयरस्ट्राइक: ट्रंप का ‘क्रिसमस गिफ्ट’
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर इस सैन्य ऑपरेशन की जानकारी दी। उन्होंने इन हमलों को ईसाइयों के खिलाफ हो रही हिंसा का “बदला” करार दिया है।
1. “सटीक और घातक” हमले
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनके निर्देश पर अमेरिकी सेना ने उत्तर-पश्चिम नाइजीरिया में ISIS के आतंकवादियों के खिलाफ “सटीक और घातक हमले” (Precision Strikes) किए हैं। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई तकनीकी जानकारी साझा नहीं की कि ये हमले किस तरह के हथियारों से किए गए या इसमें कितने आतंकवादी मारे गए।
2. कार्रवाई की वजह: ईसाइयों का ‘नरसंहार’
ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई के पीछे का मुख्य कारण बताते हुए कहा:
* नाइजीरिया में ISIS के आतंकी “निर्दोष ईसाइयों” को बेरहमी से निशाना बना रहे थे।
* उन्होंने आरोप लगाया कि वहां ईसाइयों के खिलाफ हिंसा उस स्तर पर पहुंच गई है जो “सदियों में नहीं देखी गई।”
* ट्रंप ने आतंकवादियों को चेतावनी देते हुए कहा, “मैंने पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर ईसाइयों का कत्लेआम नहीं रुका, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। आज रात उन्होंने वह कीमत चुका दी।”
3. ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ का जिक्र
अपने बयान में ट्रंप ने पेंटागन के बजाय “डिपार्टमेंट ऑफ वॉर” (Department of War) शब्द का इस्तेमाल किया और अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए कहा कि केवल अमेरिका ही ऐसे “परफेक्ट स्ट्राइक” करने में सक्षम है।
4. नाइजीरियाई सरकार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
नाइजीरिया के विदेश मंत्रालय ने भी इन हमलों की पुष्टि की है। उनके अनुसार:
* यह हमला अमेरिका और नाइजीरिया के बीच चल रहे सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने का परिणाम है।
* नाइजीरियाई अधिकारियों ने खुद अमेरिका से इस आतंकी खतरे से निपटने के लिए सहायता मांगी थी।
5. सीरिया के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि यह हमला सीरिया में ISIS के ठिकानों पर किए गए हालिया बड़े हमलों (जिसमें 70 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया था) के ठीक बाद हुआ है। ट्रंप ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उनके नेतृत्व में अमेरिका “कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद” को पनपने नहीं देगा।
अपनी पोस्ट के अंत में ट्रंप ने लिखा:
“भगवान हमारी सेना को आशीर्वाद दें, और सभी को मेरी क्रिसमस… उन मृत आतंकवादियों को भी, जिनकी संख्या भविष्य में और बढ़ेगी यदि ईसाइयों का कत्लेआम नहीं रुका।”




