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“परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा”: बीजेपी सरकार आई तो बंगाल में घुसपैठ पर लगेगा पूर्ण विराम – अमित शाह।

गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चुनाव का मुख्य एजेंडा घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा होगा।

2026 में घुसपैठ मुक्त बंगाल: कोलकाता में अमित शाह ने भरी हुंकार; बोले- “अब यह केवल राज्य का नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा”

कोलकाता, 30 दिसंबर 2025: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। शाह ने ऐलान किया कि 2026 का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ‘घुसपैठ रोकने’ और ‘घुसपैठियों को बाहर निकालने’ के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा सबसे गंभीर विषय बताया।

“परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा”

अमित शाह ने वादा किया कि अगर 2026 में भाजपा सत्ता में आती है, तो सीमा पर ऐसी अभेद्य व्यवस्था की जाएगी कि “इंसान तो छोड़िए, परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।” उन्होंने कहा:

  • नेशनल ग्रिड का निर्माण: घुसपैठ रोकने के लिए एक मजबूत ‘नेशनल ग्रिड’ बनाया जाएगा।

  • पहचान और निष्कासन: भाजपा सरकार न केवल नए घुसपैठियों को रोकेगी, बल्कि राज्य में रह रहे अवैध लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने का काम भी करेगी।

ममता सरकार पर सीधा हमला: “वोट बैंक के लिए देश से समझौता”

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार अपने राजनीतिक लाभ और वोट बैंक के लिए जानबूझकर घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है।

  • फेंसिंग में बाधा: शाह ने कहा कि केंद्र सरकार सीमा पर बाड़ (Fencing) लगाने के लिए तैयार है, लेकिन बंगाल सरकार इसके लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है।

  • डेमोग्राफी में बदलाव: उन्होंने चिंता जताई कि घुसपैठ के कारण बंगाल की जनसांख्यिकी (Demography) खतरनाक तरीके से बदल रही है, जिससे राज्य की संस्कृति और भविष्य खतरे में है।

  • तुलना: शाह ने सवाल किया कि अगर असम, त्रिपुरा और गुजरात जैसे राज्यों में घुसपैठ रुक सकती है, तो बंगाल में क्यों नहीं? इसका कारण केवल TMC की इच्छाशक्ति की कमी है।

भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण पर प्रहार

शाह ने राज्य की कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में बंगाल ‘डर और भ्रष्टाचार’ की पहचान बन गया है। उन्होंने आरजी कर कांड और ‘टोल सिंडिकेट’ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाएं बंगाल के गरीबों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

2026 का लक्ष्य: दो-तिहाई बहुमत

अमित शाह ने विश्वास जताया कि बंगाल की जनता इस बार बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “2014 में हमारे पास 2 सीटें थीं, 2021 में हम 77 पर पहुंचे और 2026 में भाजपा दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।”

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