मिशन 2027: दो चरणों में होगी देश की महा-जनगणना, पेपरलेस फॉर्मेट में दर्ज होगी 140 करोड़ भारतीयों की कुंडली”

केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित डिजिटल जनगणना 2027 की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 22 जनवरी 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, जनगणना का पहला चरण यानी ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। यह भारत के इतिहास की पहली पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस जनगणना होगी।
जनगणना 2027 का शेड्यूल (दो चरणों में)
जनगणना की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए इसे दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है:
पहला चरण (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस):
1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच।
दूसरा चरण (जनसंख्या गणना – Population Enumeration):
9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच। (रिवीजनल राउंड 1-5 मार्च 2027 तक चलेगा)।
पहले चरण में पूछे जाएंगे 33 सवाल
गृह मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में 33 सवालों की सूची दी गई है, जिन्हें मकानों की लिस्टिंग के दौरान पूछा जाएगा। इन सवालों का मुख्य उद्देश्य देश के बुनियादी ढांचे और परिवारों की आर्थिक स्थिति को समझना है। प्रमुख सवाल इस प्रकार हैं:
मकान की स्थिति: मकान नंबर, फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल की गई सामग्री, मकान का उपयोग (आवासीय या व्यावसायिक) और मकान की मौजूदा हालत।
परिवार की जानकारी: परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, जाति (SC/ST/अन्य) और परिवार में रहने वाले कुल सदस्यों की संख्या।
बुनियादी सुविधाएं: पीने के पानी का मुख्य स्रोत, रोशनी का स्रोत (बिजली/अन्य), शौचालय की सुविधा, गंदे पानी की निकासी और नहाने की सुविधा।
संपत्ति और संसाधन: रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप/कंप्यूटर, मोबाइल फोन/स्मार्टफोन, साइकिल, स्कूटर/मोटरबाइक और कार/जीप/वैन।
अन्य महत्वपूर्ण सवाल: रसोई में इस्तेमाल होने वाला मुख्य ईंधन (LPG/CNG आदि) और परिवार द्वारा मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज।
पहली ‘डिजिटल’ और ‘जाति आधारित’ गणना
यह जनगणना कई मायनों में खास होने वाली है:
मोबाइल ऐप का इस्तेमाल: डेटा जुटाने के लिए करीब 30 लाख फील्ड कर्मचारी (प्रगणक) मोबाइल ऐप का उपयोग करेंगे। डेटा को रियल-टाइम पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
स्व-गणना (Self-Enumeration): नागरिकों के पास खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भरने का विकल्प होगा। हाउस लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले यह पोर्टल खोला जाएगा।
जातिगत आंकड़े: स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार जाति (Caste) से संबंधित विस्तृत आंकड़े जुटाए जाएंगे। यह प्रक्रिया दूसरे चरण (2027) में पूरी की जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह जनगणना?
कोरोना महामारी के कारण 2021 में होने वाली जनगणना को टाल दिया गया था। अब 16 साल के अंतराल के बाद होने वाली यह गणना सरकार को ‘परिशुद्ध डेटा’ (Precise Data) प्रदान करेगी, जिससे:
* सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा।
* संसाधनों का सही वितरण संभव होगा।
* डिजिटल कनेक्टिविटी और जीवन स्तर के वास्तविक आंकड़ों का पता चलेगा।
जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखा जाएगा। मोबाइल नंबर का उपयोग केवल जनगणना संबंधी संचार के लिए ही होगा।
33 सवालों की विस्तृत सूची दी गई है
मकान और बुनियादी ढांचे से जुड़े सवाल
भवन संख्या: (नगरपालिका या स्थानीय निकाय द्वारा दी गई संख्या)।
जनगणना मकान संख्या: (जनगणना के लिए आवंटित विशिष्ट संख्या)।
मकान की दीवार की सामग्री: (घास, लकड़ी, मिट्टी, ईंट, कंक्रीट या पत्थर)।
मकान की छत की सामग्री: (टाइल, स्लेट, लोहे की चादर, कंक्रीट आदि)।
मकान के फर्श की सामग्री: (मिट्टी, लकड़ी, सीमेंट, मोज़ेक या टाइल्स)।
मकान के उपयोग का उद्देश्य: (पूरी तरह आवासीय, दुकान-सह-आवास, वर्कशॉप आदि)।
मकान की स्थिति: (अच्छी, रहने योग्य या जर्जर)।
परिवार संख्या: (एक मकान में रहने वाले अलग-अलग परिवारों की संख्या)।
परिवार के मुखिया का नाम: (जो परिवार के निर्णय लेता है)।
मुखिया का लिंग: (पुरुष/महिला/ट्रांसजेंडर)।
परिवार की सामाजिक स्थिति
* क्या मुखिया अनुसूचित जाति (SC) से है?
* क्या मुखिया अनुसूचित जनजाति (ST) से है?
* क्या मुखिया अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से है? (इस बार जातिगत डेटा पर विशेष जोर है)।
मकान के स्वामित्व की स्थिति: (अपना मकान, किराए का या अन्य)।
परिवार के पास रहने के कमरों की संख्या: (रसोई और शौचालय छोड़कर)।
*परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या।
बुनियादी सुविधाएं और संसाधन
पीने के पानी का मुख्य स्रोत: (नल, हैंडपंप, ट्यूबवेल, कुआं, नदी आदि)।
पीने के पानी के स्रोत की उपलब्धता: (परिसर के भीतर या बाहर)।
बिजली का मुख्य स्रोत: (बिजली, सौर ऊर्जा, केरोसिन या अन्य)।
शौचालय की सुविधा: (फ्लश, गड्ढे वाला शौचालय या अन्य)।
शौचालय का प्रकार: (निजी, साझा या सार्वजनिक)।
गंदे पानी की निकासी (Drainage): (बंद नाली, खुली नाली या कोई नाली नहीं)।
नहाने की सुविधा: (बाथरूम है या नहीं)।
रसोई घर की उपलब्धता: (अलग रसोई है या नहीं)।
खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन: (LPG, PNG, बिजली, लकड़ी, कोयला या गोबर के उपले)।
संपत्ति और डिजिटल कनेक्टिविटी
रेडियो/ट्रांजिस्टर: (हाँ/नहीं)।
टेलीविजन: (हाँ/नहीं)।
इंटरनेट की सुविधा: (ब्रॉडबैंड या मोबाइल डेटा)।
लैपटॉप/कंप्यूटर: (इंटरनेट के साथ या बिना)।
टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन: (उपलब्धता और संख्या)।
साइकिल: (हाँ/नहीं)।
स्कूटर/मोटरबाइक/मोपेड: (हाँ/नहीं)।
कार/जीप/वैन: (हाँ/नहीं)।
महत्वपूर्ण जानकारी:
डिजिटल एंट्री: इस बार प्रगणक इन सवालों के जवाब कागज पर लिखने के बजाय अपने स्मार्टफोन/टैबलेट पर ‘Census App’ में दर्ज करेंगे।
सत्यता: इन सवालों का उद्देश्य किसी की व्यक्तिगत संपत्ति की जांच करना नहीं, बल्कि देश के विकास के लिए योजनाएं बनाने हेतु डेटा एकत्र करना है।




