वॉशिंगटन में ‘मोदी मैजिक’: अमेरिकी सांसदों ने पीएम मोदी को बताया दुनिया का ‘सबसे ताकतवर लीडर’

वॉशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया यात्रा के दौरान अमेरिकी सांसदों और वहां की राजनीतिक हस्तियों ने उनके नेतृत्व की जमकर सराहना की है। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक रहा, बल्कि इसने वैश्विक पटल पर पीएम मोदी की छवि को एक ‘मजबूत और प्रभावशाली नेता’ के रूप में फिर से स्थापित किया है।
वॉशिंगटन में ‘मोदी मैजिक’: अमेरिकी सांसदों ने सराहा नेतृत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वॉशिंगटन यात्रा के दौरान एक बार फिर ‘मोदी-मोदी’ के नारे गूंजे। अमेरिकी संसद (कंग्रेशनल) के कई प्रभावशाली सदस्यों ने पीएम मोदी को वर्तमान समय का ‘सबसे बड़ा लीडर’ करार दिया है।
मुख्य बातें और सांसदों की प्रतिक्रियाएं
ऐतिहासिक स्वागत: वॉशिंगटन पहुंचने पर भारतीय समुदाय के साथ-साथ अमेरिकी राजनेताओं ने भी पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
नेतृत्व की सराहना: सांसदों ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने न केवल आर्थिक रूप से प्रगति की है, बल्कि वैश्विक कूटनीति में भी अपनी एक नई पहचान बनाई है।
तुलसी गब्बार्ड और अन्य नेताओं से मुलाकात: यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गब्बार्ड और कई अन्य वरिष्ठ सीनेटरों से मुलाकात की। इन मुलाकातों में भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों और रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया गया।
बाइpartisan समर्थन: दिलचस्प बात यह रही कि पीएम मोदी को रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों ही पार्टियों के सांसदों का समर्थन मिला, जो अमेरिका की आंतरिक राजनीति में दुर्लभ माना जाता है।
भारत-अमेरिका संबंधों का नया अध्याय
अमेरिकी सांसदों के अनुसार, पीएम मोदी ने भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में जो कदम उठाए हैं, वे प्रेरणादायक हैं। सांसदों ने विशेष रूप से रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष (Space) तकनीक और व्यापारिक समझौतों में पीएम मोदी की दूरदर्शिता की सराहना की।
“प्रधानमंत्री मोदी न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक स्थिर और दूरदर्शी नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं।” – एक वरिष्ठ अमेरिकी सांसद का बयान
भविष्य की रणनीति
इस दौरे में F-35 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति और नागरिक परमाणु सहयोग (Civil Nuclear Cooperation) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जो आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती प्रदान करेंगे।




