सुल्तानपुर: फर्जी वसीयत बनाकर संपत्ति हड़पने का खेल, न्यायालय के आदेश पर तीन के खिलाफ FIR दर्ज

सुल्तानपुर में फर्जी वसीयत और धोखाधड़ी के मामलों पर न्यायालय की सख्ती के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
सुल्तानपुर। जनपद में फर्जी वसीयत और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे जमीन और संपत्ति हड़पने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामले में न्यायालय के कड़े रुख के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और कूटरचना (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) की गंभीर धाराओं में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद काफी समय से न्यायालय में विचाराधीन था। आरोप है कि विपक्षियों ने मृतक की संपत्ति को अपने नाम कराने के उद्देश्य से एक जाली वसीयतनामा तैयार किया था। जब पीड़ित पक्ष को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने साक्ष्यों के साथ न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय ने प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर पाया कि वसीयतनामा संदिग्ध है और इसे धोखाधड़ी की नीयत से बनाया गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश पर स्थानीय पुलिस ने अब इस मामले में प्रभावी धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं (या पुरानी IPC धाराओं के समकक्ष) के तहत कार्रवाई की है:
धारा 420: धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति हड़पना।
धारा 467: मूल्यवान सुरक्षा या वसीयत आदि की जालसाजी।
धारा 468: धोखाधड़ी के उद्देश्य से कूटरचना करना।
धारा 471: जाली दस्तावेज को असली के रूप में प्रयोग करना।
पुलिस की कार्रवाई
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अब वसीयतनामे पर किए गए हस्ताक्षरों और अंगूठे के निशानों की जांच के लिए उसे फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
> “न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फर्जीवाड़े से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।” > — संबंधित थाना प्रभारी




