12वीं पास करने के बाद मां कराना चाहती थी शादी, जारी रखी पढ़ाई… अब नूंह की रुखसाना पश्चिम बंगाल में बनीं जज

ByHitech Point agency

May 16, 2024

नूंह बार के वरिष्ठ अधिवक्ता ताल्हा ने कहा कि बेटी रुखसाना की कामयाबी पर पूरे क्षेत्र में खुशी है। अब मेवात क्षेत्र खेल शिक्षा और नौकरी में आगे बढ़ रहा है। जो एक अच्छी उपलब्धि है।

नूंह: हरियाणा के नूंह जिले की रहने वाली रुखसाना पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग के न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर जज बनी हैं। रुखसाना की जज बनने तक का सफर बड़ा संघर्ष वाला रहा है। रुखसाना ने जब 12वीं की परीक्षा पास की तो उसकी मां ने शादी करने पर जोर दिया था। लेकिन रुखसाना ने मां की इस बात को नहीं माना। उसने 12वीं के बाद भी पढ़ाई जारी रखी। बेटी का पढ़ाई के प्रति रुझान देखकर मां ने भी शादी की बात दिमाग से निकाल दी। रुखसाना अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एलएलबी पूरी करने के बाद हरियाणा और उत्तर प्रदेश की न्यायिक सेवा परीक्षा देकर इंटरव्यू तक फेस कर चुकी थी, लेकिन किसी कारण चयन नहीं हो पाया। इसी के साथ-साथ उन्होंने बंगाल न्यायिक सेवा की परीक्षा दी तो मंगलवार को उन्हें कामयाबी मिल गई।

नूंह पहुंचने पर जिला बार एसोसिएशन में उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उनके पिता भी साथ रहे। बार एसोसिएशन में नवनियुक्त जज और उनके पिता का पहुंचने पर फूल मालाओं से स्वागत हुआ। साथ ही बार के अधिवक्ताओं ने बेटी को कामयाबी की बधाई देते हुए कहा कि मेवात के नाम अब शिक्षा और खेल आदि में उपलब्धियां जुड़ती जा रही हैं। जिसमें महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ रही है। सभी ने एक स्वर में कहा कि बेटियों को शिक्षा दिलाना अब बेहद जरूरी है।

पिता को दिया श्रेय़

जज के पद पर चयनित होने वाली नूंह की रुखसाना ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह अपनी कामयाबी का श्रेय परिजनों को देती हैं। विशेष रूप से पिता का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि सातवीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान ही मन ही मन में निर्णय लिया की उन्हें जज बनना है। फिर परिजनों के सामने अपनी इच्छा जाहिर की तो पिता ने सपना का पूरा करने में साथ दिया। उनकी इच्छा के मुताबिक अच्छे संस्थान में प्रवेश दिलाकर तैयारी कराई।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से की लॉ

क्षेत्र वासियों की तरफ से बहुत बधाइयां मिलने को लेकर रुखसाना ने कहा बहुत गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि नूंह जिला महिला शिक्षा में बहुत पीछे है। जहां लड़कियों के लिए एलएलबी की पढ़ाई करना बड़ी चुनौती समझा जाता है। लेकिन उन्होंने इस चुनौती को स्वीकारते हुए देश की जानी-मानी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एलएलबी कोर्स में प्रवेश लिया। उन्होंने कहा कि लड़कियों को अपने पैरों पर खड़ा होना बहुत जरूरी है। मेवात क्षेत्र में जल्दी शादी होती है। शिक्षा की कमी के कारण लड़कियां परिवार, ससुराल और समाज में भार समझी जाती हैं। लड़कियां पढ़ेंगी तो यह कलंक दूर कर सकता है, जो बेहद जरूरी भी है।

रुखसाना के पिता ने कही ये बात

रुखसाना ने सभी परिजनों से आह्वान करते हुए कहा कि जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाने में सहयोग करें। इसके अलावा कहा कि देश में आज ईमानदार न्यायिक पालिका की जरूरत है। उनका भी ईमानदारी से देश की सेवा करने का प्रयास रहेगा। वहीं बेटी की कामयाबी पर पिता इलियास ने कहा कि बेटी ने जज बनने का सपना देखा था जो आज साकार हो गया है। इच्छा के मुताबिक बेटी की पढ़ाई में सहयोग के लिए वह प्रयासरत रहे। इलियास ने जिलेवासियों को संदेश देते हुए कहा कि एक योजना के मुताबिक बच्चों को शिक्षा दिलाने में मदद करें। सही तरीके से बच्चों की पढ़ाई पर किया गया खर्चा एक निवेश है, जिसकी कीमत जरूर मिलेगी। बच्चों की इच्छा के ओर योजना बनाकर परिजन उनके सपनों को साकार कर सकते हैं।

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