लखनऊ: निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ ‘मुंडन’ प्रदर्शन।

आज, 24 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दारुलशफा (विधायक निवास, गेट नंबर 2) के बाहर एक बेहद चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला। राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडे ने निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और मनमाने नियमों के खिलाफ अपना सिर मुंडवाकर विरोध जताया।
विरोध के मुख्य कारण और मांगें:
छात्र नेता शिवम पांडे और उनके साथियों का आरोप है कि राजधानी सहित पूरे प्रदेश में निजी स्कूल प्रशासन बेलगाम हो गया है। प्रदर्शन के दौरान निम्नलिखित मांगें उठाई गईं:
* फीस वृद्धि पर रोक: निजी स्कूलों द्वारा हर साल बढ़ाई जा रही अत्यधिक फीस पर तत्काल नियंत्रण लगाया जाए।
* यूनिफॉर्म और किताबों का सिंडिकेट: स्कूलों द्वारा किसी खास दुकान से ही किताबें और ड्रेस खरीदने के दबाव को खत्म किया जाए।
* फीस रेगुलेशन एक्ट का पालन: सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो।
* अभिभावकों का उत्पीड़न: आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों पर अनावश्यक शुल्क का बोझ न डाला जाए।
“अनोखा प्रदर्शन” चर्चा में क्यों?
आमतौर पर प्रदर्शनों में नारेबाजी या पुतला दहन होता है, लेकिन शिवम पांडे ने सार्वजनिक रूप से मुंडन (टकला) कराकर यह संदेश देने की कोशिश की कि “सरकार की चुप्पी से छात्र और अभिभावक अब अपनी अस्मत और भविष्य खो रहे हैं।”
> “जब सरकार शिक्षा को व्यापार बनने से नहीं रोक पा रही, तो हमारे पास गांधीवादी तरीके से खुद को कष्ट देकर विरोध करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।” – शिवम पांडे
प्रशासनिक स्थिति:
विधायक निवास जैसे संवेदनशील इलाके में हुए इस मुंडन प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र नेता अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ।




