गरीबों पर सर्जिकल स्ट्राइक है मनरेगा का नाम बदलना”: CWC बैठक के बाद राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला।

नई दिल्ली में आज आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर नया कानून ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G लाने के फैसले पर कड़ा प्रहार किया।
CWC बैठक के मुख्य अंश: ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ का शंखनाद
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी इस फैसले के विरोध में 5 जनवरी, 2026 से देशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करेगी।
राहुल गांधी का तीखा हमला: “यह नोटबंदी जैसा विनाशकारी कदम”
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए इस फैसले की तुलना ‘नोटबंदी’ से की। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
सत्ता का केंद्रीकरण: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मनरेगा का नाम बदलने और इसके स्वरूप को बदलने का फैसला सीधे PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) से लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस बारे में संबंधित मंत्रियों या कैबिनेट से भी चर्चा नहीं की गई।
संघीय ढांचे पर प्रहार: उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्यों के अधिकारों और देश के संघीय ढांचे (Federal Structure) पर एक बड़ा हमला है। केंद्र सरकार राज्यों से उनके निर्णय लेने का हक छीन रही है।
गरीबों के खिलाफ साजिश: राहुल ने कहा, “मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ‘काम का अधिकार’ देने वाला एक सशक्त मॉडल था जिसकी दुनिया भर में सराहना हुई। इसे खत्म करना गरीबों की रोजी-रोटी छीनने जैसा है।”
एकजुट विपक्ष: उन्होंने विश्वास जताया कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट होगा और सरकार के इस ‘तानाशाही’ फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा।
मल्लिकार्जुन खरगे: “संवैधानिक हक को कुचल रही है सरकार”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा संविधान के अनुच्छेद 41 (काम का अधिकार) की भावना को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नया कानून VB-G RAM G गरीबों और ग्रामीण मजदूरों के हितों के खिलाफ है।
खरगे ने कहा कि सरकार ने जानबूझकर महात्मा गांधी का नाम योजना से हटाया है, जो उनके विचारों के प्रति भाजपा की नफरत को दर्शाता है।
पार्टी ने संकल्प लिया कि वे पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
| अभियान का नाम | ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ |
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| प्रारंभ तिथि | 5 जनवरी, 2026 |
| मुख्य मांग | नए VB-G RAM G कानून को वापस लेना और मनरेगा को बहाल करना |
| नेतृत्व | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (समस्त विपक्षी दलों के सहयोग के साथ) |
निष्कर्ष
कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनावों और 2027 की तैयारी के बीच इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी। राहुल गांधी ने इसे “वन मैन शो” करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में ऐसे एकतरफा फैसलों के लिए कोई जगह नहीं है।




