कांग्रेस में एक्टिव हैं स्लीपर सेल…” CWC बैठक में दिग्विजय सिंह के बयान से मचा हड़कंप, राहुल गांधी को दी बड़ी नसीहत।

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की हालिया बैठक में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मनरेगा और आगामी आंदोलनों की रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई इस बैठक में दिग्विजय सिंह ने संगठन की अंदरूनी खामियों और “स्लीपर सेल” की मौजूदगी का दावा कर सबको चौंका दिया।
‘पार्टी में काफी सारे स्लीपर सेल एक्टिव हैं…’
बैठक के दौरान जब संगठन की मजबूती और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर चर्चा हो रही थी, तब दिग्विजय सिंह ने तीखे तेवर अपनाए। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि “कांग्रेस में कई ऐसे लोग (स्लीपर सेल) सक्रिय हैं जो पार्टी के भीतर रहकर उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिन्हें पहचानने और बाहर निकालने की सख्त जरूरत है।”
उनका इशारा उन नेताओं की ओर था जो पार्टी के फैसलों को लागू करने में सुस्ती बरतते हैं या सोशल मीडिया पर पार्टी के स्टैंड को मजबूती से नहीं रखते।
केसी वेणुगोपाल के साथ तीखी बहस
दिग्विजय सिंह के इस बयान के पीछे की मुख्य वजह संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ हुई बहस को माना जा रहा है।
वेणुगोपाल की टिप्पणी: चर्चा के दौरान केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी ‘संगठन सृजन’ जैसे कार्यक्रमों पर बहुत काम कर रही है, लेकिन पार्टी के लोग ही उन्हें सोशल मीडिया पर रीट्वीट या प्रमोट नहीं करते।
दिग्विजय का पलटवार: इसी बात पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय ने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है, तो इसका मतलब है कि पार्टी में “स्लीपर सेल” एक्टिव हैं और वे ही संगठन के फैसलों को आगे नहीं बढ़ने दे रहे।
राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल
दिग्विजय सिंह ने न केवल स्लीपर सेल की बात की, बल्कि राहुल गांधी को भी सीधी नसीहत दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी और संघ की संगठनात्मक शक्ति की तारीफ करते हुए एक पोस्ट साझा किया।
उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब पार्टी के भीतर रिफॉर्म (सुधार) और विकेंद्रीकरण (Decentralization) पर ध्यान देना चाहिए।
दिग्विजय का तर्क था कि राज्यों में अध्यक्ष तो बना दिए जाते हैं, लेकिन नीचे की कमेटियां सालों तक नहीं बनतीं, जिससे बीजेपी जैसे कैडर आधारित संगठन से लड़ना मुश्किल हो जाता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है –
बीजेपी का रुख: बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस को आईना दिखाया है। उनके मुताबिक, कांग्रेस में “जवाहर के लाल” (परिवारवाद) की चिंता होती है, जबकि बीजेपी में मोदी जैसे ज़मीनी कार्यकर्ता को सम्मान मिलता है।
कांग्रेस का बचाव: विवाद बढ़ता देख दिग्विजय सिंह ने सफाई दी कि वे हमेशा से आरएसएस की विचारधारा के विरोधी रहे हैं, लेकिन एक राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर वे दूसरे संगठनों की कार्यक्षमता से सीख लेने में कोई बुराई नहीं समझते।
बैठक का मुख्य एजेंडा
आपको बता दें कि यह बैठक मुख्य रूप से 5 जनवरी से शुरू होने वाले मनरेगा (MGNREGA) आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी, लेकिन दिग्विजय सिंह के बयानों ने पूरा ध्यान संगठन की अंदरूनी कलह की ओर खींच लिया।




