लावारिश शव का दाह संस्कार करके अंकुरण परिवार ने निभाया पुत्र धर्म

सुल्तानपुर
अंकुरण परिवार के द्वारा आज 58 वें लावारिश शव का दाह संस्कार हिन्दू रीति रिवाज के साथ हथियानाला पर किया गया । भाईं के अनाथालय में तीन साल से रह रहे मूलचंद्र की बीमारी के कारण मेडिकल कॉलेज सुलतानपुर में दो दिन से इलाज़ चल रहा था, लेकिन बच न सका।
मूलचंद्र के घर वालों का कोई पता नहीं था जिसके वजह से जिससे पोस्टमार्टम होने के पश्चात अंकुरण फाउण्डेशन जिम्मेदारी लेकर आज हथियानाला श्मशान पर हिंदू रीतिरिवाज़ों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पूर्व की भांति मृतक को मुखाग्नि संस्था के डॉ आशुतोष श्रीवास्तव एवं मो आरिफ खान ने दी।
अंकुरण परिवार की तरफ से बजरंग विक्रम सिंह, मो. आरिफ खान, दीपक जायसवाल,इमरान खान, मुकेश, चंदन उपस्थित होकर मृतक की आत्मा हेतु शांति प्रार्थना की।
संस्था के अध्यक्ष प्रतीक सिंह व सचिव प्रज्जवल श्रीवास्तव ने बताया कि जिले की अग्रणी संस्था अंकुरण फाउंडेशन अपने सामाजिक कार्यों की वजह से ही देश भर में प्रसिद्ध है. प्रदेश में सबसे अधिक रक्तदान शिविर आयोजित करने व एक दिन में सर्वाधिक रक्तदान करवाने के लिए इनको शासन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
कपड़ा बैंक, बुक बैंक व गरीब बच्चों के शैक्षिक सहयोग भी करते रहते है। पिछले चार साल से जिला अस्पताल में मरीजों तीमारदारों को भोजन वितरण इनका महत्वपूर्ण अभियान है। जरूतमंदों को वस्त्र व कंबल वितरण का कार्यक्रम निरंतर चल रहा है। दुर्गा पूजा महोत्सव में पांच दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाते है जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा इलाज व दवा वितरण करते है। मानसिक विक्षिप्त लोगों के कायाकल्प व उन्हें परिवार से मिलाने का दुरूह कार्य करने वाली संस्था के सदस्य हर वक़्त समाज की सेवा में तत्पर रहते है।




