वाराणसी: मणिकर्णिका घाट सौंदर्यीकरण विवाद में एक्शन, प्रदर्शन से पहले नजरबंद हुए सपाई, छावनी में तब्दील हुए इलाके।

वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सपा और कांग्रेस नेताओं द्वारा घाट पर मूर्तियों और प्राचीन धरोहरों को नुकसान पहुँचाने के आरोपों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
हालिया घटनाक्रम में, प्रस्तावित ‘मणिकर्णिका घाट कूच’ से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) किया गया है।
आधी रात की कार्रवाई
पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित प्रदर्शन को रोकने के लिए आधी रात से ही अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया था:
नजरबंदी: सपा के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के घरों के बाहर पुलिस की भारी तैनाती कर दी गई। नेताओं को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।
सख्त पहरा: वाराणसी के उन क्षेत्रों में जहाँ सपा नेताओं के आवास हैं, वहाँ पुलिस की टुकड़ियों ने घेराबंदी की।
विरोध प्रदर्शन पर रोक: प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने और भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिशों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
विवाद की जड़: क्या है मामला?
मणिकर्णिका घाट विवाद पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है।
अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति: सपा और कांग्रेस का आरोप है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्राचीन मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर सरकार को घेरा है।
वहीं, यूपी सरकार और वाराणसी पुलिस का दावा है कि विपक्षी दल AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा निर्मित फर्जी तस्वीरें और वीडियो फैलाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
एफआईआर (FIR): इस मामले में पुलिस ने भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में संजय सिंह (AAP), पप्पू यादव और कई कांग्रेस-सपा कार्यकर्ताओं सहित 8 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।
पाल समाज का आक्रोश: मूर्ति विवाद को लेकर पाल समाज के लोग भी सड़क पर उतरे, जिन पर पुलिस ने पिछले दिनों कार्रवाई की थी और कई लोगों को हिरासत में लिया था।
राजनीतिक वार-पलटवार
सपा का पक्ष: “बीजेपी सरकार विकास के नाम पर हमारी विरासत को नष्ट कर रही है और आवाज उठाने वालों को पुलिस के दम पर कुचला जा रहा है।”
प्रशासन का पक्ष: “घाट पर सभी प्राचीन मंदिर और मूर्तियाँ सुरक्षित हैं। सौंदर्यीकरण का कार्य हेरिटेज को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
वर्तमान स्थिति
वाराणसी में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मणिकर्णिका घाट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल मुस्तैद हैं। पुलिस कमिश्नरेट ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।



