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भारत के सामने ‘बौना’ हुआ पाकिस्तान: रक्षा बजट में 9 गुना का भारी अंतर, हवाई ताकत में जबरदस्त इजाफा

आज पेश हुए नए रक्षा बजट ने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण (Modernization) के लिए अब तक के सबसे बड़े दरवाजे खोल दिए हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (मई 2025) के बाद पेश हुए इस बजट में सरकार ने रक्षा व्यय में भारी बढ़ोतरी की है।

1. रक्षा बजट 2026-27: ‘मॉडर्नाइजेशन’ के लिए खजाना खुला

वित्त मंत्री ने 2026-27 के लिए कुल रक्षा बजट ₹7.85 लाख करोड़ (लगभग $93-94 बिलियन) आवंटित किया है। यह पिछले साल (2025-26) के मुकाबले करीब 15% की बढ़ोतरी है।

सेना कितनी ‘आधुनिक’ होगी, यह पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) से तय होता है, यानी वह पैसा जो नए हथियार, जहाज और विमान खरीदने के लिए है:

  • नई खरीद (Capital Outlay): ₹2.19 लाख करोड़ (पिछले साल से 22% ज्यादा)।

  • फोकस एरिया: इस बार सबसे ज्यादा जोर वायुसेना और नौसेना की ताकत बढ़ाने पर है। बजट में फाइटर जेट इंजन (GE-HAL डील) और राफेल-मरीन (Rafale-M) के लिए विशेष आवंटन किया गया है।

  • घरेलू उद्योग: ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत, नए हथियारों की खरीद का 75% हिस्सा भारतीय कंपनियों से खरीदने के लिए सुरक्षित रखा गया है, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी।

2. भारत vs पाकिस्तान: खाई और चौड़ी हुई

पाकिस्तान के साथ भारत का मुकाबला अब ‘बराबरी’ का नहीं रहा, बल्कि भारत बहुत आगे निकल चुका है।

  • बजट का अंतर: भारत का रक्षा बजट (₹7.85 लाख करोड़) पाकिस्तान के कुल रक्षा बजट (लगभग $7-10 बिलियन) से 8-9 गुना ज्यादा है। भारत का केवल पूंजीगत बजट (नए हथियार खरीदने का बजट) ही पाकिस्तान के कुल रक्षा बजट से तीन गुना है।

  • तकनीकी बढ़त: पाकिस्तान आज भी चीन के JF-17 थंडर और पुराने F-16 पर निर्भर है, जबकि भारत Rafale, Tejas Mk1A, और S-400 मिसाइल सिस्टम तैनात कर चुका है।

  • नौसेना: पाकिस्तान की नेवी मुख्य रूप से तटीय सुरक्षा तक सीमित है, जबकि भारत के पास दो एयरक्राफ्ट कैरियर (विक्रमादित्य और विक्रांत) हैं, जो इसे गहरे समुद्र (Blue Water Navy) में महाशक्ति बनाते हैं।

3. भारत vs चीन: असली चुनौती

चीन के साथ मुकाबला ‘संख्या’ का नहीं, बल्कि ‘तकनीक’ और ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ का है।

  • बजट में अंतर: चीन का रक्षा बजट लगभग $230-240 बिलियन है, जो भारत से करीब 3 गुना ज्यादा है।

  • भारत की रणनीति: चीन की बड़ी संख्या का मुकाबला करने के लिए भारत ‘असममित युद्ध’ (Asymmetric Warfare) की तैयारी कर रहा है। 2026 के बजट में ड्रोन, सर्विलांस सैटेलाइट्स और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर (BRO का बजट बढ़ाया गया है) पर भारी निवेश किया गया है।

  • लद्दाख और पूर्वोत्तर: चीन ने सीमा पर जो इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है, उसके जवाब में भारत ने लद्दाख और अरुणाचल में टनल और हर मौसम में खुली रहने वाली सड़कों का जाल बिछा दिया है। लाइट टैंक (जोरावर) की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है।

4. तुलनात्मक चार्ट (2026 अनुमानित)

मापदंड भारत (India) चीन (China) पाकिस्तान (Pakistan)
रक्षा बजट ~$93-94 बिलियन ~$230+ बिलियन ~$8-10 बिलियन
सक्रिय सैनिक ~14.5 लाख ~20 लाख ~6.5 लाख
लड़ाकू विमान Rafale, Su-30MKI, Tejas J-20 (Stealth), J-16 F-16, JF-17
नौसेना (कैरियर) 2 (विक्रांत, विक्रमादित्य) 3 (लियाओनिंग, शेडोंग, फुजियान) 0
ताकत प्रोफेशनल आर्मी, पर्वतीय युद्ध क्षमता टेक्नोलॉजी, साइबर वारफेयर, मैन्युफैक्चरिंग परमाणु हथियार (Tactical Nukes)

निष्कर्ष: सेना कितनी आधुनिक होगी?

इस बजट से सेना निम्नलिखित क्षेत्रों में आधुनिक होगी:

  1. हवाई ताकत: 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स (AMCA) और तेजस Mk2 के इंजन निर्माण में तेजी आएगी।

  2. समंदर में राज: नौसेना के लिए 26 राफेल-मरीन जेट्स और नई स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की डील फाइनल होगी।

  3. भविष्य के हथियार: ड्रोन स्वार्म्स (Drone Swarms) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी तंत्र पर बड़ा खर्च होगा।

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