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सुलतानपुर: शत्रु संपत्ति और सरकारी नहर पर कब्जे की जांच करने गई टीम पर हमला, पुलिस की मौजूदगी में दबंगों के हौसले बुलंद

सुलतानपुर। जनपद के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब शत्रु संपत्ति और सरकारी नहर पर अवैध कब्जे की जांच करने गई राजस्व, सिंचाई और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के सामने ही दबंगों ने ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। हैरत की बात यह रही कि सरकारी अमले की मौजूदगी में हुई इस हिंसा के बावजूद, अधिकारियों ने मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।

​क्या है पूरा मामला?

​गोसाईगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में शत्रु संपत्ति और सिंचाई विभाग की नहर पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे और प्लॉटिंग की शिकायत ग्रामीणों ने शासन से की थी। इसी शिकायत के आधार पर आज दोपहर सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस बल की एक संयुक्त टीम मौके पर जांच और पैमाइश के लिए पहुंची थी।

​सरकारी टीम के सामने खूनी संघर्ष

​जैसे ही टीम ने जांच शुरू की, प्लॉटिंग कर रहे दबंगों और उनके गुर्गों ने जांच का विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दबंगों ने शिकायतकर्ता ग्रामीणों पर हमला कर दिया।
​वायरल वीडियो: घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही मारपीट हो रही है।
​पुलिस की भूमिका: आरोप है कि पुलिस इस दौरान मूकदर्शक बनी रही और हमलावरों को रोकने के बजाय “नतमस्तक” नजर आई।

​सेटिंग-गेटिंग और अधिकारियों की चुप्पी

​घटना के बाद पीड़ित पक्ष जब थाने पहुंचा, तो वहां कथित तौर पर ‘सेटिंग-गेटिंग’ का खेल शुरू हो गया। सूत्रों के अनुसार, भारी दबाव के चलते मामले को थाने के बाहर ही रफा-दफा करने की कोशिश की गई और कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
​जब इस गंभीर मामले पर जिले के उच्चाधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी प्रतिक्रिया हैरान करने वाली थी:

​एसडीएम सदर व तहसीलदार: फोन पर बात करने पर इन अधिकारियों ने घटना के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया।

​एक्सईएन (सिंचाई विभाग): विभागीय टीम मौके पर होने के बावजूद, अधिशाषी अभियंता ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।

​उठते सवाल

​इस घटना ने जिले में कानून व्यवस्था और भू-माफियाओं के गठजोड़ पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
​जब सरकारी टीम की मौजूदगी में ग्रामीण सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा?
​क्या शत्रु संपत्ति और सरकारी जमीन पर कब्जे को प्रशासन का मौन संरक्षण प्राप्त है?
​वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद अधिकारी अनभिज्ञता क्यों जता रहे हैं?
​अब देखना यह है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन दोषियों और लापरवाह कर्मियों पर क्या कार्रवाई करता है।

​ब्यूरो रिपोर्ट, सुलतानपुर

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