हार-जीत के गणित में उलझी राजनीतिक धड़कनें”… जानें UP MLC चुनाव की मतगणना के रुझानों में कौन सी पार्टी चल रही आगे

लखनऊ डेस्क। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे से मतगणना जारी है। 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था, जिसमें 55.24% मतदान दर्ज किया गया था और कुल 152 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में हो रही है।
शुरुआती रुझानों में कहीं बीजेपी तो कहीं सपा आगे दिख रही है, जिससे हार-जीत का गणित अभी पूरी तरह उलझा हुआ है।
क्षेत्रवार शुरुआती रुझान
वाराणसी शिक्षक सीट: पहले राउंड में सपा के लाल बिहारी यादव आगे। 14 हजार वोटों की गिनती में लाल बिहारी यादव को 6,814 मत मिले, भाजपा के प्रमोद मिश्रा को 2,963 वोट मिले।
वाराणसी स्नातक सीट: सपा के आशुतोष सिन्हा बनाम भाजपा के केदारनाथ सिंह के बीच मुकाबला। 1.28 लाख में से करीब 50 हजार वोटों की बंडलिंग हुई है।
लखनऊ शिक्षक सीट: पहले राउंड में बीजेपी के उमेश द्विवेदी सिर्फ 30 वोट से आगे, सपा के सुशील कुमार दूसरे नंबर पर। दूसरे बंडल में भी द्विवेदी आगे बताए जा रहे हैं।
आगरा शिक्षक सीट: पहले राउंड में सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल आगे। आकाश को 5,491 वोट, बीजेपी के हरीकिशोर तिवारी को 4,441 वोट मिले। करीब 1 हजार वोट से सपा आगे।
मेरठ शिक्षक सीट: बीजेपी के श्रीचंद शर्मा आगे। श्रीचंद को 3,895 वोट, सपा को 1,240 वोट। 2,655 वोटों की बढ़त।
मेरठ स्नातक सीट: सपा के परमिंदर भाटी ने बढ़त बनाई। दोनों सीटों पर 7-7 हजार वोटों की गिनती पूरी।
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट: पहले राउंड में बीजेपी के डॉ. हरि सिंह ढिल्लो आगे, सपा के हाजी दानिश अख्तर पीछे।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट: त्रिकोणीय मुकाबला। बीजेपी के ध्रुव त्रिपाठी, सपा के डॉ. संजय त्रिपाठी और निर्दलीय राजीव यादव के बीच कांटे की टक्कर।
दोनों दलों के दावे
भाजपा ने ऐतिहासिक जीत का दावा किया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि भाजपा सभी 11 सीटों पर बड़े अंतर से जीतेगी। शुरुआती रुझान भाजपा के पक्ष में हैं।
वहीं सपा प्रत्याशियों ने कई जगह मतगणना में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। लखनऊ में सपा प्रत्याशी कांति सिंह ने बैलेट पेपर बिना फोल्ड मिलने और गोपनीयता भंग का आरोप लगाया। आगरा में सपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने मतगणना रोकने का आरोप लगाया।
क्यों अहम है यह चुनाव?
11 निवर्तमान सदस्यों में से 6 भाजपा के हैं, जबकि सपा के 3 हैं, बाकी 2 निर्दलीय हैं। इस चुनाव को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी सियासी परीक्षा माना जा रहा है।
नोट: ये शुरुआती रुझान हैं, अंतिम नतीजे मतगणना पूरी होने के बाद आएंगे।
संवाददाता – सर्वेश श्रीवास्तव
( हाईटेक प्वाइंट न्यूज)
लखनऊ




