
यह खबर राजस्थान से आई है, जहाँ दो उम्रकैद के दोषी—प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी (या हनुमान प्रसाद)—ने हाल ही में शादी कर ली है। यह मामला काफी चर्चा में है क्योंकि दोनों अलग-अलग जघन्य हत्याकांडों में दोषी हैं और जेल में ही उनकी मुलाकात हुई थी।
प्रिया सेठ: पाली जिले की रहने वाली, 2018 के जयपुर “सूटकेस मर्डर” या दुष्यंत शर्मा हत्याकांड में मुख्य दोषी। उसने डेटिंग ऐप के जरिए दुष्यंत को फंसाया और हत्या करवाई, सजा उम्रकैद की है।
हनुमान चौधरी: अलवर जिले का, 2017 के सामूहिक हत्याकांड में दोषी—उसने अपनी प्रेमिका संतोष के साथ मिलकर उसके पति और चार बच्चों की बेरहमी से हत्या की थी। सजा भी उम्रकैद।
दोनों जयपुर की सांगानेर ओपन जेल (ओपन एयर कैंप) में सजा काट रहे थे, जहाँ अच्छे व्यवहार वाले कैदियों को कुछ छूट मिलती है (जैसे दिन में बाहर काम करना)।
जेल में ही उनकी जान-पहचान हुई, जो प्यार में बदल गई। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वे करीब 6 महीने से रिलेशन में थे।
हाल ही में (बसंत पंचमी, 23 जनवरी 2026 के आसपास) राजस्थान हाईकोर्ट से 15 दिनों की इमरजेंसी पैरोल मिली, जिसके दौरान अलवर में एक होटल में गुपचुप हिंदू रीति-रिवाज से शादी की।
शादी परिवार की सहमति से हुई, लेकिन कम लोगों को बताया गया था (शुरू में जयपुर बताया, लेकिन अलवर में हुई)।
शादी के बाद जेल नियमों के तहत उन्हें ओपन जेल परिसर में अलग क्वार्टर मिलेगा, जहाँ वे साथ रह सकेंगे।
हनीमून की बात कुछ हेडलाइंस में आई है, लेकिन ज्यादातर रिपोर्ट्स में यह जेल में ही बची जिंदगी साथ काटने और संभवतः पैरोल के दौरान बाहर समय बिताने की बात है। हनीमून के लिए अलग से कोई स्पष्ट इजाजत नहीं बताई गई, लेकिन पैरोल नियमों के तहत कुछ छूट मिल सकती है।
यह मामला कानूनी, नैतिक और सामाजिक बहस छेड़ रहा है—जैसे पैरोल नियम, उम्रकैद में शादी का अधिकार (अनुच्छेद 21 के तहत जीवन का अधिकार), और समाज में ऐसे अपराधियों के प्रति नजरिया। कई जगह इसे “किलर रोमांस” या “फिल्मी कहानी” कहकर वायरल किया जा रहा है, लेकिन पीड़ित परिवारों के दर्द को भी याद किया जा रहा है।




