फर्जी ‘PM KISAN YOJANA’ ऐप और इन्वेस्टमेंट स्कीम के नाम पर 110 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय ठगी का भंडाफोड़, 15 आरोपी गिरफ्तार।

अज़मगढ़। साइबर अपराध पर सख्ती की दिशा में बड़ी सफलता हासिल करते हुए अज़मगढ़ पुलिस ने 110 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। यह गैंग फर्जी “PM KISAN YOJANA (.APK)” ऐप, इन्वेस्टमेंट स्कीम और विभिन्न फर्जी लिंकों के माध्यम से देशभर के लोगों के बैंक खाते हैक करके करोड़ों रुपये हड़प रहा था। पुलिस ने गैंग के 15 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दो लग्जरी कारें बरामद की हैं।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में थाना साइबर क्राइम टीम द्वारा की गई।
घटना का खुलासा
मुकदमा अपराध संख्या 37/2025 (धारा 318(4), 111(4), 317(2) BNS व 66D IT Act) की विवेचना के दौरान 30 नवंबर को दो अभियुक्त—परवेज अंसारी व मोहम्मद कलीम—की गिरफ्तारी हुई। पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी समद उर्फ इमरान अपने साथियों के साथ लखनऊ में किसी बड़े साइबर फ्रॉड की योजना बना रहा है।
इस सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह पुलिस टीम सहित लखनऊ पहुंचे और हुसड़िया चौराहा पर घेराबंदी कर इमरान उर्फ समद और अर्जुन सिंह को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर GMC होटल व Precious BNB होटल में छापेमारी कर 13 अन्य साइबर अपराधियों को पकड़ा गया। अंतिम चरण में I-20 कार से आए तीन और आरोपी—मोनू चौरसिया, सुल्तान अंसारी और बृजेश कुमार—को भी गिरफ्तार किया गया।
कैसे चलता था 110 करोड़ की ठगी का नेटवर्क?

जांच में गैंग की कार्यशैली इस प्रकार सामने आई—
1️⃣ Instagram अकाउंट से जाल बिछाया जाता था
- गैंग “Accountwala 9334” नाम से इंस्टाग्राम ID चलाता था।
- लोगों को अपने बैंक खाते, ATM कार्ड या SIM देने पर कमीशन देने का झांसा देता था।
2️⃣ लोगों के बैंक खाते हासिल करते थे
- खाताधारकों से ATM कार्ड, बैंक विवरण, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और SIM लिया जाता था।
- इन्हीं खातों का उपयोग ठगी के लेन-देन में होता था।
3️⃣ फर्जी .APK ऐप—PM किसान योजना, E-Challan आदि
- गैंग का टेक्निकल मॉड्यूल स्वयं APK फाइल तैयार करता था।
- इन APK ऐप्स को व्हाट्सऐप पर भेजकर पीड़ितों का मोबाइल हैक कर लेते थे।
- मोबाइल हैक होने के बाद बैंक खातों से पैसे उड़ा लिए जाते थे।
4️⃣ देशभर से खाते खाली
- बरामद मोबाइलों की जांच में 121 बैंक खातों की डिटेल मिली।
- गैंग के खिलाफ 186 से अधिक शिकायतें NCRP पोर्टल पर दर्ज हैं (नैनीताल, रुद्रपुर, आंध्रप्रदेश आदि से)।
5️⃣ करोड़ों रुपये विभिन्न राज्यों से निकाले जाते थे
- पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे दूसरे राज्यों में जाकर फर्जी ATM कार्ड के जरिए पैसे निकालते थे ताकि पहचान उजागर न हो सके।
बरामदगी (Recovery)
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में सामग्री जब्त की—
इलेक्ट्रॉनिक सामान
- 23 मोबाइल फोन (एंड्रॉयड, iPhone सहित)
- 01 कीपैड फोन
- 15 SIM कार्ड (Jio, Airtel, Vodafone)
- 14 ATM कार्ड
- कई मोबाइलों में .APK फाइलें, बैंक डेटा, फ्रॉड ट्रांजेक्शन डिटेल्स पाई गईं।
वाहन
I-20 कार
ग्रैंड विटारा कार
कागजात न दिखाने पर दोनों वाहनों को MV Act में सीज किया गया।
गिरफ्तार 15 साइबर अपराधी
इमरान अली उर्फ समद – रामपुर
सुल्तान अंसारी – झारखंड
अंकित कुमार – दिल्ली
सरफराज – रायपुर
आदेश सिंह – कानपुर
अमन प्रताप निषाद – सोनभद्र
अमित सिंह – गाजीपुर
अतुल सिंह चौहान – शाहजहांपुर
विनायक मालवीय – सोनभद्र
अर्जुन सिंह – सोनभद्र
अतुल आनंद – चंदौली
पंकज पाण्डेय – चंदौली
अभिनव उर्फ मोनू चौरसिया – गोरखपुर
चन्द्रभूषण सिंह – गाजीपुर
ब्रजेश कुमार – बिहार
सभी अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
पुलिस टीम के सराहनीय प्रयास
- प्र.नि. देवेंद्र प्रताप सिंह
- निरीक्षक विभा पाण्डेय
- उ.नि. योगेंद्र प्रसाद
- उ.नि. रजत सिंह
- साथ ही साइबर सेल की पूरी टीम।
थाना साइबर क्राइम, अज़मगढ़ की इस बड़ी सफलता से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगों पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।




