भगवान दास के घर मोहम्मद अफजल का नाम”: अखिलेश यादव का चुनाव आयोग और भाजपा पर बड़ा हमला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक जोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया।
अखिलेश यादव का आरोप: “वोटर लिस्ट में धांधली और छद्म NRC”
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR – Special Information Revision) के नाम पर भारी अनियमितता बरती जा रही है। उन्होंने इसे एक ‘छद्म NRC’ (Pseudo NRC) करार देते हुए कहा कि सरकार इसके जरिए विशिष्ट वर्ग और विपक्ष के समर्थकों के वोट काटने का काम कर रही है।
प्रमुख आरोप
अजीबोगरीब डेटा एंट्री: अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए एक उदाहरण दिया कि वर्तमान वोटर लिस्ट में इतनी गड़बड़ी है कि ‘भगवान दास के घर मोहम्मद अफजल’ का नाम दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई मानवीय भूल नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया षड्यंत्र है ताकि मतदान के दिन भ्रम पैदा किया जा सके।
वोटों की डकैती: सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया था कि SIR प्रक्रिया के बाद सूची त्रुटिहीन होगी, लेकिन धरातल पर लाखों वोट काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह वोट की चोरी नहीं, बल्कि लोकतंत्र में डकैती है।”
वैक्सीन, गौ-सेवा और कानून व्यवस्था पर घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने केवल चुनावी मुद्दों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सरकार को कई अन्य मोर्चों पर भी कटघरे में खड़ा किया:
वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स: कोविशील्ड (Covishield) वैक्सीन के संभावित साइड इफेक्ट्स की खबरों का हवाला देते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार ने 80 करोड़ लोगों की जान जोखिम में डाली है। उन्होंने इसे ‘हत्या की साजिश’ के समान बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की।
कानून व्यवस्था: प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में न्याय केवल कागजों पर है और असलियत में पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को कुचलने के लिए किया जा रहा है।
गौ-सेवा का दिखावा: आवारा पशुओं की समस्या और गौशालाओं की बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा केवल धर्म और गाय के नाम पर राजनीति करती है, जबकि जमीनी हकीकत में पशु और किसान दोनों बेहाल हैं।
“जनता देगी जवाब”
अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि भाजपा हार के डर से अब चुनाव आयोग और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर बूथ पर सतर्क रहें और वोटर लिस्ट की एक-एक एंट्री की जांच करें।
“लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई अब सड़कों पर है। अगर वोट ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो जनता की आवाज का कोई मोल नहीं रह जाएगा।” — अखिलेश यादव




