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‘घूसखोर पंडत’ पर योगी सरकार का हंटर: लखनऊ में FIR दर्ज, फिल्म के टीज़र और पोस्टर हटाए गए।

मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ (Ghooskhor Pandat) को लेकर विवाद गहरा गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद फिल्म के मेकर्स पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिस पर अब मुख्य अभिनेता मनोज बाजपेयी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

‘घूसखोर पंडत’ पर बवाल: सीएम योगी के निर्देश पर FIR दर्ज, मनोज बाजपेयी बोले- ‘यह किसी समुदाय के खिलाफ नहीं’

लखनऊ/मुंबई। उत्तर प्रदेश की राजनीति और मनोरंजन जगत में आज फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर भारी हलचल रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि फिल्म का शीर्षक और सामग्री एक विशेष समुदाय (ब्राह्मण समाज) की भावनाओं को आहत करने वाली है।

क्यों शुरू हुआ विवाद?

3 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स (Netflix) द्वारा फिल्म का टीज़र जारी किए जाने के बाद से ही विरोध शुरू हो गया था। फिल्म के शीर्षक में ‘घूसखोर’ शब्द के साथ ‘पंडत’ (पंडित का स्थानीय उच्चारण) जोड़ने पर ब्राह्मण संगठनों ने आपत्ति जताई। उनका तर्क है कि यह नाम जानबूझकर एक जाति की छवि धूमिल करने के लिए रखा गया है।

सरकार की कार्रवाई: ‘जीरो टॉलरेंस’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।

  • FIR की धाराएं: पुलिस ने आईपीसी (अब न्याय संहिता) की धाराओं के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

  • प्रसारण पर रोक की मांग: बीएसपी सुप्रीमो मायावती और यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे भारतीय संस्कृति पर हमला बताया है।

मनोज बाजपेयी की प्रतिक्रिया

विवाद बढ़ता देख फिल्म के मुख्य अभिनेता मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया (X) पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा:

“मैं लोगों की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करता हूं और उन्हें गंभीरता से लेता हूं। जब आपके काम से किसी को ठेस पहुँचती है, तो रुककर सुनना जरूरी होता है। एक अभिनेता के रूप में, मैं केवल किरदार और कहानी देखता हूं। मेरे लिए यह एक ‘खामियों वाले इंसान’ (flawed individual) की कहानी थी, किसी समुदाय पर टिप्पणी नहीं।”

उन्होंने आगे कहा कि निर्देशक नीरज पांडे हमेशा संवेदनशीलता के साथ फिल्में बनाते हैं और उनका इरादा किसी को अपमानित करना नहीं था।

मेकर्स ने उठाया बड़ा कदम

विवाद को शांत करने के लिए फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे और नेटफ्लिक्स ने इंटरनेट से फिल्म के सभी प्रोमो, टीज़र और पोस्टर हटा लिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि फिल्म को केवल कुछ झलकियों के आधार पर जज किया जाए, बल्कि लोग पूरी फिल्म देखकर अपनी राय बनाएं।

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