सुलतानपुर में हृदय विदारक घटना: पति के निधन के कुछ ही घंटों बाद पत्नी ने भी तोड़ा दम, ट्रेन के आगे कूदी।

सुलतानपुर: पति की मौत का सदमा नहीं सह सकी पत्नी, चलती ट्रेन से कूदकर दी जान
सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक महिला ने अपने पति की मृत्यु के कुछ ही घंटों बाद चलती ट्रेन से कूदकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति की मौत के बाद गहरे सदमे में थी और यह वियोग सहन नहीं कर सकी।
क्या है पूरा मामला?
घटना सुलतानपुर-वाराणसी रेलखंड पर देहात कोतवाली क्षेत्र के अभियाकला गांव के पास की है। मृतका की पहचान बिहार के बक्सर जिले के रायपुरा गांव निवासी नीतू उपाध्याय (35) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, नीतू के पति अमित उपाध्याय काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज लखनऊ के SGPGI (पीजेआई) में चल रहा था। गुरुवार को इलाज के दौरान अमित की मृत्यु हो गई। पति की मौत की खबर सुनते ही नीतू बुरी तरह टूट गई थी।
वॉशरूम जाने का बहाना बनाकर कूदी
गुरुवार की रात करीब 2 बजे, जब नीतू अपने परिजनों के साथ पति के शव को लेकर एम्बुलेंस या ट्रेन (सदर्भानुसार ट्रेन यात्रा के दौरान) के जरिए घर लौट रही थी, तभी यह हादसा हुआ। ट्रेन जब पखरौली स्टेशन पार कर अभियाकला गांव के पास पहुंची, तो नीतू ने वॉशरूम जाने का बहाना बनाया। वह ट्रेन के गेट के पास पहुंची और अचानक चलती ट्रेन से नीचे छलांग लगा दी।
मौके पर ही हुई मौत
ट्रेन की रफ्तार तेज होने के कारण नीतू ट्रैक के पास गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों और परिजनों ने जब उसे कूदते देखा तो चीख-पुकार मच गई। तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सिर और शरीर में गंभीर चोटें आने के कारण नीतू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही देहात कोतवाली पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
कोतवाल धर्मबीर सिंह ने बताया कि, “प्राथमिक जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। महिला अपने पति की मौत से मानसिक रूप से बेहद आहत थी। परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और विधिक कार्रवाई की जा रही है।”
इस घटना के बाद से बक्सर स्थित उनके पैतृक गांव और ससुराल में मातम पसरा हुआ है। एक ही दिन में पति-पत्नी दोनों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।




