यूपी का ग्लोबल जलवा: सीएम योगी के सिंगापुर-जापान दौरे में ₹1.5 लाख करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हालिया सिंगापुर और जापान दौरा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ है। इस चार दिवसीय यात्रा (22-26 फरवरी 2026) के दौरान 1.5 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जबकि कुल 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
यह दौरा यूपी को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
मुख्य आकर्षण: सिंगापुर और जापान दौरा 2026
💰 निवेश का लेखा-जोखा
| विवरण | जापान (Japan) | सिंगापुर (Singapore) | कुल (Total) |
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| हस्ताक्षरित एमओयू (MoU) | ₹90,000 करोड़ | ₹60,000 करोड़ | ₹1.5 लाख करोड़ |
| कुल निवेश प्रस्ताव | ₹1.5 लाख करोड़ | ₹1 लाख करोड़ | ₹2.5 लाख करोड़ |
प्रमुख परियोजनाएं और घोषणाएं
‘जापान सिटी’ का निर्माण: यमुना एक्सप्रेसवे (YEIDA) क्षेत्र में 500 एकड़ में एक समर्पित ‘जापान सिटी’ विकसित की जाएगी। यहाँ जापानी कंपनियों के लिए विशेष औद्योगिक वातावरण और ऑटो क्लस्टर तैयार किए जाएंगे।
ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर: यामानाशी विश्वविद्यालय और आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू के सहयोग से यूपी में ‘Green Hydrogen Center of Excellence’ स्थापित किया जाएगा।
सेमीकंडक्टर और तकनीक: जापान की दिग्गज कंपनियों के साथ सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और एआई (AI) क्षेत्र में सहयोग पर सहमति बनी है।
रोजगार के अवसर: सरकार का अनुमान है कि इन समझौतों से प्रदेश के 5 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
किन प्रमुख कंपनियों के साथ हुए समझौते?
जापान और सिंगापुर की कई विश्वप्रसिद्ध कंपनियों ने यूपी में रुचि दिखाई है:
जापान: कुबोटा कॉरपोरेशन, होंडा कार्स, सुजुकी मोटर, मित्सुई एंड कंपनी, और रैपिडस कॉरपोरेशन।
सिंगापुर: सिंगापुर की कंपनियों के साथ मुख्य रूप से डेटा सेंटर, फिनटेक और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में करार हुए हैं।
हाई-स्पीड अनुभव
जापान दौरे के दौरान सीएम योगी ने L0 सीरीज मैग्लेव (Maglev) ट्रेन में सफर किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भविष्य की परिवहन प्रणाली के लिए इस तकनीक की संभावनाओं को भी टटोला।
मुख्यमंत्री का बयान
“उत्तर प्रदेश अब केवल संभावनाओं का प्रदेश नहीं, बल्कि अवसरों का केंद्र बन चुका है। हमने अपनी कार्यशैली को ‘रिएक्टिव’ से बदलकर ‘प्रोएक्टिव’ किया है, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।”
यह दौरा न केवल भारी निवेश लाया है, बल्कि स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए भी नए रास्ते खोले हैं। इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) में अब एक विशेष ‘जापान डेस्क’ को और मजबूत किया जाएगा, जिसकी सीधी निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा



