CIA को ई-मेल कर मांगी PM की ‘सुपारी’: बिहार पुलिस ने आरोपी अमन को दबोचा, 22 दिन की मांगी थी मोहलत

बिहार के बक्सर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA (Central Intelligence Agency) को ईमेल भेजकर भारत के प्रधानमंत्री पर हमले की धमकी दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य घटनाक्रम: CIA को भेजा ‘सुपारी’ का प्रस्ताव
बिहार के बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के अरियाव गांव के रहने वाले **अमन कुमार (उर्फ अमल तिवारी)** ने अमेरिकी जांच एजेंसी CIA की आधिकारिक वेबसाइट पर एक मैसेज भेजा। इस मैसेज में युवक ने बेहद आपत्तिजनक और खतरनाक दावे किए:
हमले की धमकी: युवक ने मैसेज में लिखा कि वह प्रधानमंत्री पर हमला कर सकता है।
पैसों की मांग: इस काम को अंजाम देने के बदले उसने CIA से मोटी रकम (रुपयों) की मांग की।
समय की शर्त: आरोपी ने इस पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए एजेंसी से 22 दिन का समय मांगा था।
कैसे हुआ खुलासा?
जब CIA को यह संदेश मिला, तो उन्होंने तुरंत भारतीय केंद्रीय जांच एजेंसियों को इसकी सूचना दी। भारतीय एजेंसियों ने तकनीकी जांच (IP एड्रेस और लोकेशन ट्रैकिंग) के जरिए पाया कि यह मैसेज बिहार के बक्सर से भेजा गया है। इसके बाद बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट हो गईं।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
बक्सर के पुलिस अधीक्षक (SP) शुभम आर्य के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने बुधवार देर रात आरोपी के घर पर छापेमारी की।
1. गिरफ्तारी: पुलिस ने मुख्य आरोपी अमन कुमार को हिरासत में ले लिया है। उसके साथ दो अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है।
2. ज़ब्ती: आरोपी के कमरे से लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ज़ब्त किए गए हैं। पुलिस इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है।
3. पुराना रिकॉर्ड: जांच में पता चला है कि आरोपी अमन पहले भी विवादों में रह चुका है। साल 2022 में उसे कोलकाता एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया था।
परिजनों का बयान
आरोपी के पिता गणेश तिवारी ने बताया कि उन्हें बेटे की इन गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस की टीम सादे लिबास में आई थी और अमन को अपने साथ ले गई। फिलहाल पुलिस युवक के मानसिक स्वास्थ्य और किसी बाहरी आतंकी संगठन से जुड़ाव की भी जांच कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियों ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर कोई भी जोखिम न लेते हुए मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी से गहन पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था या केवल ‘पब्लिसिटी स्टंट’।




