पूर्व IAS दिव्या मित्तल का बड़ा सियासी दांव: ‘जनता शक्ति’ के साथ मिर्जापुर सदर से ठोकेंगी ताल, 2027 के रण में मचेगी हलचल!

न्यूज़ रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर प्रशासनिक अनुभव और सियासी मैदान का रोमांच देखने को मिलने वाला है। अपनी बेहतरीन कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद अब चुनावी राजनीति में धमाकेदार एंट्री का ऐलान कर दिया है।
उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ‘जनता शक्ति पार्टी’ के बैनर तले पूर्वांचल की हॉट सीट मिर्जापुर सदर से चुनावी मैदान में उतरेंगी।
राजनीतिक इतिहास से कनेक्शन
मिर्जापुर सदर सीट का सियासी इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। यह वही सीट है जहां से देश के मौजूदा रक्षामंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने साल 1977 में अपने राजनीतिक सफर का आगाज किया था। अब प्रशासनिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वालीं दिव्या मित्तल भी इसी ऐतहासिक जमीन से अपनी सियासी पारी की शुरुआत करने जा रही हैं।
जातीय समीकरण और कड़ी चुनौती
सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से मिर्जापुर सदर एक वैश्य बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जहां लगभग डेढ़ लाख वैश्य मतदाता हैं। इसके अलावा ब्राह्मण और ठाकुर वोटर भी यहां जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि, इस सीट पर पिछले दो दशकों से एनडीए (विशेषकर बीजेपी और अपना दल एस) का मजबूत प्रभाव रहा है, जिसके चलते दिव्या मित्तल का यह सफर आसान नहीं होगा।
एक पूर्व नौकरशाह का अपनी नई पार्टी के साथ सीधे चुनावी अखाड़े में उतरना पूर्वांचल की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे रहा है, जिससे आगामी चुनाव का मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है।




