आउटसोर्सिंग कंपनी पर FIR, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग से जुड़ी मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में कार्डिनेटर पद पर भर्ती को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। योजना के अंतर्गत नियुक्तियों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी और अपात्र अभ्यर्थियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
जांच में सामने आया कि आउटसोर्सिंग कंपनी ने भर्ती प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार करते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर दी। कार्डिनेटर पद के लिए PCS मेंस परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य शर्त थी, लेकिन कंपनी द्वारा नियुक्त कुल 69 अभ्यर्थियों में से केवल 21 अभ्यर्थी ही PCS मेंस परीक्षा पास पाए गए।
समाज कल्याण विभाग द्वारा कराई गई जांच में शेष 48 अभ्यर्थियों की नियुक्ति को नियमों के विपरीत माना गया है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि चयन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही और जानबूझकर की गई अनियमितता शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी प्रदेश के कई जिलों में सेवाएं दे रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी की जा रही है। वहीं, जांच के दायरे में कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ-साथ लाभ पाने वाले अभ्यर्थियों को भी शामिल किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




