मगध मेडिकल कॉलेज के HOD गिरफ्तार: खुद फोन कर मांगी 1 करोड़ की फिरौती, पुलिस ने ऐसे किया ‘मास्टरमाइंड’ का खुलासा।

गया (बिहार) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मगध मेडिकल कॉलेज के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने अपनी ही पत्नी को फंसाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए एक करोड़ की रंगदारी का झूठा नाटक रचा। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड डॉक्टर सतेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
गया: 1 करोड़ की फर्जी रंगदारी मामले का सनसनीखेज खुलासा
बिहार के गया जिले में स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल (ANMMCH) के न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष (HOD) डॉ. सतेंद्र कुमार को पुलिस ने धोखाधड़ी और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। डॉक्टर ने अपनी पत्नी को डराने और कानूनी पचड़ों में उलझाने के लिए एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने की झूठी कहानी गढ़ी थी।
क्या है पूरा मामला?
दिसंबर 2025 के अंत में, डॉ. सतेंद्र कुमार ने मगध मेडिकल थाने में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि:
उनकी पत्नी, विभा कुमारी, को अज्ञात नंबरों से फोन कॉल आए हैं।
कॉल करने वाले ने 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी है।
पैसे न देने पर उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी गई है।
पुलिस जांच में ऐसे खुला ‘फर्जी खेल’
पुलिस ने जब मामले की गंभीरता से जांच शुरू की, तो डॉक्टर की कहानी की परतें खुलने लगीं:
विरोधाभासी बयान: डॉक्टर की पत्नी, विभा कुमारी ने पुलिस को बताया कि उन्हें ऐसी कोई कॉल नहीं आई और न ही उन्हें रंगदारी की जानकारी है।
तनावपूर्ण वैवाहिक संबंध: जांच में पता चला कि डॉक्टर और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी ने डॉक्टर पर एक महिला स्वास्थ्यकर्मी के साथ अवैध संबंध होने के आरोप भी लगाए थे।
कॉल ट्रेसिंग: पुलिस ने जिन नंबरों से कॉल आने का दावा किया गया था, उनकी जांच की तो पाया कि पूरी कहानी मनगढ़ंत थी और डॉक्टर खुद इस साजिश के पीछे थे।
मास्टरमाइंड डॉक्टर: पुलिस के अनुसार, डॉक्टर ने यह साजिश अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने और उसे घर से बाहर निकलने से रोकने के लिए रची थी।
गिरफ्तारी और कार्रवाई
शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को पुलिस ने ठोस सबूतों के आधार पर डॉ. सतेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में डॉक्टर की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध पाई गई और उन्होंने स्वीकार किया कि रंगदारी का मामला फर्जी था।
पुलिस का बयान: “यह मामला आपसी विवाद के कारण पुलिस को गुमराह करने और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का है। डॉक्टर ने खुद ही इस फर्जी रंगदारी की स्क्रिप्ट लिखी थी।”
आरोपी: डॉ. सतेंद्र कुमार (HOD, न्यूरोसर्जरी विभाग, ANMMCH)।
रकम: 1 करोड़ रुपये की झूठी मांग।
कारण: पारिवारिक विवाद और पत्नी पर दबाव बनाना।




