गोरखपुर में इंस्टाग्राम स्टार अंशिका सिंह के वसूली के खेल ने सबको हैरान कर दिया है।

गोरखपुर में अंशिका सिंह (उर्फ अंतिमा) का मामला काफी सनसनीखेज और चौंकाने वाला है। यह घटना हाल ही में (जनवरी 2026 के आसपास) सामने आई है, जब उसकी बर्थडे पार्टी में फायरिंग हुई थी, जिसके बाद पुलिस जांच में उसका बड़ा हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क खुला।
अंशिका सिंह इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव थी, जहां उसके लाखों फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं (कुछ रिपोर्ट्स में 7.5 लाख तक का जिक्र है, हालांकि आपके मैसेज में 7.5 हजार लिखा है—शायद टाइपो या वैरिएशन हो)।
– वह सोशल मीडिया (मुख्य रूप से इंस्टाग्राम और मैसेंजर) के जरिए लोगों से संपर्क बनाती थी। पहले चैट से भरोसा जीतती, फिर वीडियो कॉल पर अश्लील हरकतें करवाती या खुद भी हिस्सा लेती, और स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेती।
– इसके बाद धमकी देती: फर्जी दुष्कर्म (रेप) , POCSO (बच्चों के खिलाफ यौन अपराध) या अन्य केस दर्ज करवाने की। इससे लाखों रुपये वसूलती।
– पुलिस जांच में पता चला कि करीब 150-165 लोग उसके जाल में फंसे, जिसमें दारोगा, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और यहां तक कि एक DSP और सीओ स्तर के पुलिसकर्मी भी शामिल हैं (कुछ रिपोर्ट्स में 12-15 पुलिसकर्मियों का जिक्र)। एक मामले में दारोगा से सोने की चेन तक ली गई।
– मामला तब सामने आया जब 20 जनवरी 2026 को सिंघड़िया इलाके में उसकी बर्थडे पार्टी में पैसे के विवाद में गोली चली। गोली एक युवक (अमिताभ निषाद या विशाल मिश्रा से जुड़ा) को लगी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, मोबाइल जब्त किया, जिसमें अश्लील वीडियो और सबूत मिले।
– उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, धारा 307 (हत्या की कोशिश), एक्सटॉर्शन, ब्लैकमेल और अन्य धाराओं में केस दर्ज। जेल में है, और जांच जारी है।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क?
सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट/चैट → भरोसा → वीडियो कॉल → रिकॉर्डिंग → धमकी (फर्जी केस) → पैसे वसूली। कई सालों (2021 से) से चल रहा था, मुख्य रूप से गोरखपुर, संतकबीरनगर और आसपास।
यह केस डिजिटल क्राइम, हनीट्रैप और सोशल मीडिया के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण है। पुलिस अब और शिकारों की तलाश कर रही है। सावधानी बरतें—अनजान लोगों से वीडियो कॉल पर सतर्क रहें, खासकर ऐसी हरकतों में।




