डिलीवरी पार्टनर्स की मेहनत सस्ती क्यों सुल्तानपुर में भी हुआ विरोध प्रदर्शन
EKart Logistic में भुगतान कटौती से बढ़ी नाराज़गी

सुल्तानपुर
देशभर में ई-कॉमर्स सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके पीछे दिन-रात मेहनत करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। EKart Logistic जैसी बड़ी कंपनी में पहले प्रति पार्सल लगभग ₹18 तक भुगतान मिलता था, लेकिन अब कई जगह यह घटाकर ₹12 से ₹10 तक कर दिया गया है। इससे डिलीवरी कर्मचारियों में नाराज़गी और असंतोष बढ़ रहा है।
डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल, मोबाइल रिचार्ज, बाइक सर्विस, टायर, इंश्योरेंस और रोजमर्रा के खर्च पहले से कहीं ज्यादा हो चुके हैं। ऐसे समय में मेहनताना बढ़ाने के बजाय कम कर देना कर्मचारियों के साथ अन्याय जैसा महसूस होता है।

एक डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि रोज 10 से 12 घंटे मेहनत करने के बाद भी पहले जैसी कमाई नहीं हो पा रही है। अगर किसी दिन पार्सल कम मिले या दूरी ज्यादा हो, तो कमाई और भी घट जाती है। इससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने डिलीवरी स्टाफ के हितों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ग्राहक तक सामान पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं कर्मचारियों पर होती है। यदि इन्हें उचित भुगतान, बोनस और सुरक्षा नहीं मिलेगी, तो इसका असर सेवा गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।
सरकार और श्रम विभाग को भी ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि गिग वर्कर्स और डिलीवरी कर्मचारियों को न्यूनतम उचित भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
आज जरूरत है कि डिलीवरी पार्टनर्स की मेहनत को सम्मान मिले, न कि उनकी कमाई लगातार घटाई जाए।



