बड़ी खबर: राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ‘CAPF (सामान्य प्रशासन) अधिनियम’ अधिसूचित, अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों में होंगे बड़े बदलाव

नई दिल्ली: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सशक्त और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। हाल ही में राष्ट्रपति की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद, भारत सरकार ने ‘CAPF (सामान्य प्रशासन) अधिनियम’ को आधिकारिक राजपत्र (Gazette) में अधिसूचित कर दिया है।
यह नया कानून विशेष रूप से CAPF के ‘ग्रुप-A’ (राजपत्रित) अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया, पदोन्नति और सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए तैयार किया गया है।
अधिनियम की मुख्य विशेषताएं:
भर्ती में एकरूपता: यह अधिनियम सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) जैसे विभिन्न बलों के ग्रुप-A अधिकारियों के लिए एक समान मानक तय करेगा।
पदोन्नति के स्पष्ट नियम: अधिकारियों की पदोन्नति और वरिष्ठता (Seniority) को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाने के लिए इस कानून में कड़े और पारदर्शी प्रावधान किए गए हैं।
प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण: ग्रुप-A अधिकारियों के स्थानांतरण, अनुशासन और अन्य प्रशासनिक कार्यों को अब और अधिक कुशलता से प्रबंधित किया जा सकेगा।
संगठनात्मक ढांचा: यह कानून बलों के आंतरिक कैडर प्रबंधन को मजबूती प्रदान करेगा, जिससे अधिकारियों के मनोबल और कार्यक्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कानून?
लंबे समय से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कैडर रिव्यू और सेवा संबंधी नियमों को लेकर सुधार की मांग की जा रही थी। जानकारों का मानना है कि इस अधिनियम के लागू होने से न केवल प्रशासनिक देरी कम होगी, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा में तैनात इन महत्वपूर्ण अधिकारियों को उनके करियर के विकास के लिए बेहतर और स्पष्ट अवसर मिलेंगे।




