पटना: पूर्व सीएम राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का 15 दिनों का अल्टीमेटम, नहीं तो होगी बड़ी कार्रवाई

पटना (HITECH POINT NEWS): बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकारी बंगले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को पटना स्थित ’10, सर्कुलर रोड’ का सरकारी आवास खाली करने का आखिरी अल्टीमेटम जारी कर दिया है।
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए राबड़ी देवी को 15 दिनों के भीतर बंगला खाली करने का निर्देश दिया है। यदि तय समय सीमा के अंदर आवास खाली नहीं किया गया, तो प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई और जबरन बेदखली करने की चेतावनी दी है।
क्या है पूरा मामला?
भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते पहले ही वैकल्पिक सरकारी आवास ’39, हार्डिंग रोड’ (द्वितीय तल) आवंटित किया जा चुका है। इसके बावजूद लंबे समय से ’10, सर्कुलर रोड’ स्थित बंगले को खाली नहीं किया गया था।
अब विभाग ने इस हाई-प्रोफाइल बंगले को एनडीए सरकार के नए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया है। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई पटना हाई कोर्ट के उस पुराने आदेश के तहत की जा रही है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला दिए जाने के नियम को रद्द कर दिया गया था।
”बलपूर्वक खाली करा ले सरकार, मैं नहीं हटूंगी” – राबड़ी देवी
दिल्ली से पटना लौटते ही हवाई अड्डे पर जब पत्रकारों ने राबड़ी देवी से इस नोटिस को लेकर सवाल किया, तो वे बेहद तल्ख नजर आईं। उन्होंने सीधे तौर पर नीतीश-सम्राट चौधरी सरकार को चुनौती देते हुए कहा:
”हाँ, मैं देख रही हूँ कि नए-नए मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी कुछ ज्यादा ही उत्साह में हैं। मैं यह बंगला खाली नहीं करने वाली हूँ। सरकार चाहे तो पुलिस बल बुलाकर मुझे जबरन यहाँ से बेदखल कर दे।”
राबड़ी देवी के इस बयान के ठीक बाद पटना सचिवालय की एसडीपीओ (SDPO) अनु कुमारी भारी पुलिस बल के साथ ’10, सर्कुलर रोड’ पहुंचीं और वहां मौजूद अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया। आवास के बाहर इस समय सुरक्षा और तनाव दोनों बढ़ गए हैं।
आरजेडी और एनडीए में सियासी जुबानी जंग
इस कार्रवाई के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे ‘बदले की राजनीति’ करार दिया है।
आरजेडी का पक्ष: आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव की खराब सेहत को देखते हुए इस बंगले में लिफ्ट और कई जरूरी बदलाव किए गए थे। नीतीश कुमार ने खुद यह बंगला आवंटित किया था, लेकिन अब जानबूझकर अपमानित करने के लिए यह नोटिस भेजा गया है।
एनडीए का पलटवार: जेडीयू और बीजेपी ने इसे पूरी तरह नियमसंगत बताया है। बीजेपी सांसद भीम सिंह ने राबड़ी देवी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकारी बंगला किसी की निजी संपत्ति नहीं है और कानून का पालन सबको करना होगा। बंगला खाली कराने के लिए बिहार की पूरी फोर्स नहीं, बल्कि पुलिस का एक दारोगा ही काफी है।
15 दिनों की इस मियाद के बाद पटना का ’10, सर्कुलर रोड’ एक बड़े राजनीतिक टकराव का केंद्र बन सकता है।




