बांदा में सपा का जोरदार प्रदर्शन: अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में नीलम गुप्ता की अगुवाई में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

जनपद बांदा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई गिरफ्तारी के विरोध में आज जनपद बांदा में पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। सपा की राष्ट्रीय सचिव (महिला सभा) नीलम गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
यह विरोध प्रदर्शन बाबू लाल चौराहे से शुरू होकर मुख्य मार्केट और माहेश्वरी देवी मंदिर होते हुए अशोक लाट चौराहे तक निकाला गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
”गांधी के देश में हिंसा का रास्ता अपना रही भाजपा सरकार” — नीलम गुप्ता
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सपा राष्ट्रीय सचिव नीलम गुप्ता ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने उग्र अंदाज में उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है। गांधी के इस देश में हिंसा का रास्ता अख्तियार किया जा रहा है। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया, जो बेहद निंदनीय है।”
पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए नीलम गुप्ता ने आगे कहा:
- पेपर लीक और बेरोजगारी: पेपर लीक के मामलों से पूरे प्रदेश में अफरातफरी का माहौल है। सरकार बैकफुट पर आ चुकी है। नौजवानों को नौकरी नहीं मिल रही और किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है।
- भ्रष्टाचार के आरोप: सरकार ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम पर भी करोड़ों रुपये का घपला किया है, जिस पर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है।
- संसद से भागने का आरोप: देश के प्रधानमंत्री, जो ‘मन की बात’ करते थे, आज युवाओं और जनता के सवालों से बचकर संसद के पीछे के रास्ते से भाग रहे हैं। अंग्रेजों से भी बदतर हालात आज हिंदुस्तान के बना दिए गए हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बंदूक और लाठियों के बल पर शासन नहीं चलाया जा सकता। सत्ता को उखाड़ फेंकने तक सपा का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने नैतिकता के आधार पर सरकार से इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस व्यापक विरोध प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इनमें प्रमुख रूप से:
- वृंदावन वैश्य (महासचिव)
- एजाज खान, राजनी यादव, आत्माराम यादव, श्याम बाबू सिंह खंगार
- मोहम्मद आरिफ रानू, अशोक गौर, राजू गुप्ता, विदित त्रिपाठी, आमिर खान
- मन्नी सलमान खान, शुभम धुरिया, सुरेश निषाद, नेतराम वर्मा, दिलशाद खान
- कामिल खान, इरफान खान, धर्मेंद्र यादव, चन्द्रदीप यादव, उर्मिला वर्मा, किरण यादव
- विजय करण यादव, अनमोल जड़िया, भरत पाल, रियाज खान, राजन चंदेल, साजिद खान, लखन राजपूत, अंकित कुमार, पवन साहू सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।




