नगर पालिका की सुस्ती, मच्छरों की मस्ती; सुल्तानपुर में बीमारियों का बड़ा खतरा

सुल्तानपुर में एंटी-लार्वा छिड़काव को लेकर नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप, जनता में नाराज़गी

सुल्तानपुर। गुप्त सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि सुल्तानपुर नगर क्षेत्र में एंटी-लार्वा छिड़काव को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कई स्थानों से दिए गए प्रार्थनापत्रों और शिकायतों के बावजूद नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए समय-समय पर एंटी-लार्वा छिड़काव की मांग की गई, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस मामले में लापरवाही बरतते हुए चैन की नींद सो रहे हैं, जबकि जनता को बीमारियों के खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
नगर के कई इलाकों में जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव बेहद जरूरी माना जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि जब कभी छिड़काव किया भी जाता है तो वह केवल औपचारिकता भर रह जाता है, जिससे लोगों को राहत के बजाय केवल आश्वासन का आभास मिलता है।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
मच्छरों के कारण जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में बुखार, मलेरिया और टाइफाइड के मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी देखी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो डेंगू के मामलों में भी उछाल आ सकता है।
जनता की मांग
सुलतानपुर की जनता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि:
- सभी वार्डों में नियमित रूप से एंटी-लार्वा का छिड़काव किया जाए।
- रुके हुए पानी और गंदगी के ढेर को तुरंत साफ कराया जाए।
- शाम के समय फागिंग मशीनों को सड़कों और गलियों में चलाया जाए।
विशेषज्ञ की सलाह: “मच्छरों से बचने के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें। यदि तेज बुखार महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।” — स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी




