₹370 बिरयानी विवाद: स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के क्राउड-वर्क वीडियो पर मचा बवाल, राजनीतिक गलियारों तक पहुंची आंच; मांगी माफी

मुंबई/नई दिल्ली:
सोशल मीडिया पर स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे का एक क्राउड-वर्क वीडियो वायरल होने के बाद देश में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ‘370 रुपये की बिरयानी’ से जुड़े इस वीडियो में की गई टिप्पणियों को लेकर न सिर्फ सोशल मीडिया यूजर्स भड़क उठे हैं, बल्कि अब इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जिसके बाद विवाद को बढ़ता देख कॉमेडियन ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, प्रणीत मोरे के एक लाइव शो का ‘क्राउड-वर्क’ (दर्शकों से बातचीत) वीडियो इंटरनेट पर सामने आया था। इस वीडियो में प्रणीत ने ‘370 रुपये की बिरयानी’ का जिक्र करते हुए कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं, जिसे कई लोगों ने एक विशेष समुदाय, संस्कृति और राजनीतिक संवेदनशीलता का अपमान माना। देखते ही देखते यह वीडियो एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड करने लगा और लोग कॉमेडियन की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
महाराष्ट्र की राजनीति में गरमाया मुद्दा
यह विवाद तब और बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया जब महाराष्ट्र के कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं और संगठनों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। नेताओं का कहना है कि कॉमेडी के नाम पर सामाजिक ताने-बाने या किसी की भावनाओं को आहत करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। कुछ संगठनों ने कॉमेडियन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और उनके आगामी शोज को रद्द करने की चेतावनी भी दे डाली है।
भारी विरोध के बाद प्रणीत मोरे ने मांगी माफी
मामले को हाथ से निकलता देख और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने एक आधिकारिक बयान और वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।
”मेरा इरादा किसी की भी भावनाओं, संस्कृति या राजनीति को ठेस पहुंचाना नहीं था। वह केवल शो के दौरान तात्कालिक रूप से की गई एक कॉमेडी टिप्पणी (क्राउड-वर्क) थी। अगर मेरी बातों से किसी को भी दुख पहुंचा है, तो मैं तहे दिल से बिना शर्त माफी मांगता हूं।”
— प्रणीत मोरे, कॉमेडियन
सोशल मीडिया पर बंटी जनता की राय
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर ‘कॉमेडी की सीमा’ और ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ पर बहस छेड़ दी है। जहां एक तरफ लोग इसे बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों का मानना है कि इसे केवल एक मजाक के तौर पर देखा जाना चाहिए था और बात को जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है।
फिलहाल, माफीनामे के बाद भी सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस थमी नहीं है और पुलिस प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।




