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IPL 2026: खिलाड़ियों की मनमानी पर BCCI का कड़ा प्रहार, अब होटल और बस में बाहरी लोगों की नो-एंट्री

सुलतानपुर/नई दिल्ली:

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के बीच बीसीसीआई (BCCI) ने अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर बेहद कड़े कदम उठाए हैं। लीग में बढ़ती ‘अनियमितताओं’ को देखते हुए बोर्ड ने खिलाड़ियों के एक्सेस कंट्रोल को लेकर नया फरमान जारी किया है। अब कोई भी अनाधिकृत (Unauthorized) व्यक्ति न तो टीम होटल में खिलाड़ियों से मिल सकेगा और न ही टीम बस में सफर कर पाएगा।

राजीव शुक्ल ने दी सख्त चेतावनी

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ल ने स्पष्ट किया कि आईपीएल की छवि और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था। उन्होंने कहा:

“बीसीसीआई नए नियम बना रहा है जिसके तहत खिलाड़ियों तक पहुंचने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। अब होटल या बस में कोई भी बाहरी व्यक्ति खिलाड़ियों के करीब नहीं जा सकेगा। हमारा मुख्य उद्देश्य आईपीएल की सुचिता और पारदर्शिता को बरकरार रखना है।”

क्यों पड़ी नए नियमों की जरूरत?

सूत्रों के अनुसार, मौजूदा सीजन के दौरान कई ऐसी घटनाएं सामने आईं जहाँ खिलाड़ियों के साथ अनाधिकृत लोग देखे गए। खासतौर पर टीम बस और होटल के प्रतिबंधित क्षेत्रों में खिलाड़ियों के निजी मित्रों और करीबियों की मौजूदगी ने सुरक्षा और एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हार्दिक पांड्या, ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और अर्शदीप सिंह जैसे कई स्टार खिलाड़ी हाल के दिनों में अपनी महिला मित्रों (Girlfriends) के साथ टीम बस या होटल में स्पॉट किए गए थे। बीसीसीआई ने इसे अनुशासनहीनता और प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना है।

BCCI की नई गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु:

होटल रूम में एंट्री बैन: टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के बिना कोई भी बाहरी व्यक्ति खिलाड़ी के कमरे में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

हनी-ट्रैप का खतरा: बोर्ड ने फ्रेंचाइजियों को 7 पन्नों की एडवाइजरी जारी कर ‘हनी-ट्रैप’ और सुरक्षा जोखिमों के प्रति आगाह किया है।

सरप्राइज चेक: बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) अब होटलों में औचक निरीक्षण करेगी।

मालिकों पर भी पाबंदी: मैच के दौरान टीम मालिकों के डगआउट में खिलाड़ियों से मिलने या गले मिलने पर भी रोक लगा दी गई है।

कड़ी कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों पर भारी जुर्माना या निलंबन (Suspension) तक की कार्रवाई की जा सकती है।

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी साफ कर दिया है कि बोर्ड इन नियमों को लेकर “बेहद गंभीर” है और भविष्य में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रिपोर्ट: सर्वेश श्रीवास्तव

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