री-NEET परीक्षा: अभेद्य किले में तब्दील हुए देश के परीक्षा केंद्र; 1.38 लाख CCTV और 51 हजार जैमर्स के साथ NTA की ‘लीकप्रूफ’ तैयारी

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी री-एग्जाम’ (NEET UG Re-Exam) आज देश और विदेश के 550 से अधिक शहरों में आयोजित की जा रही है। पिछली बार हुए विवादों और पेपर लीक की घटनाओं से सबक लेते हुए, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस बार सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए हैं कि परीक्षा केंद्र किसी अभेद्य किले जैसे नजर आ रहे हैं।
इस परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और ‘लीकप्रूफ’ बनाने के लिए तकनीकी और जमीनी स्तर पर अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं।
डिजिटल पहरा: CCTV, जैमर्स और AI सर्विलांस
NTA ने इस बार किसी भी तरह की तकनीकी धांधली या ब्लूटूथ कॉलिंग को रोकने के लिए भारी-भरकम बंदोबस्त किया है:
1.38 लाख से ज्यादा CCTV कैमरे: देश के सभी परीक्षा केंद्रों के हर कोने, गलियारे और कमरों पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जा रही है। इसकी लाइव मॉनिटरिंग सीधे दिल्ली में बने कमांड सेंटर से की जा रही है।
51 हजार हाई-टेक जैमर्स: परीक्षा हॉल और उसके आसपास किसी भी प्रकार का मोबाइल नेटवर्क या इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल काम न करे, इसके लिए रिकॉर्ड संख्या में जैमर्स लगाए गए हैं।
3-स्तरीय सुरक्षा और 2.5 लाख जवान: परीक्षा केंद्रों के बाहर और भीतर सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस और अर्धसैनिक बलों के ढाई लाख से ज्यादा जवान तैनात हैं। इसके साथ ही, उम्मीदवारों के प्रवेश के समय बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और डिजिटल चेकिंग को अनिवार्य किया गया है।
हेलीकॉप्टर से पेपर डिप्लॉयमेंट: सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए कुछ मुख्य केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर्स की मदद भी ली गई है।
रिपोर्टिंग टाइम और महत्वपूर्ण दिशानिर्देश
NTA की गाइडलाइंस के मुताबिक, छात्रों को समय का विशेष ध्यान रखना होगा। थोड़ी सी भी देरी भारी पड़ सकती है:
एंट्री का समय: परीक्षा केंद्रों पर एंट्री सुबह 11:00 बजे से शुरू हो चुकी है।
गेट बंद होने का समय: दोपहर 1:30 बजे परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी उम्मीदवार को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।
परीक्षा का समय: परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक (पेन-एंड-पेपर मोड) चलेगी।
ड्रेस कोड (Dress Code): क्या पहनें और क्या नहीं?
सुरक्षा जांच को आसान बनाने और नकल की गुंजाइश को खत्म करने के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू किया गया है:
पुरुष उम्मीदवारों के लिए:
क्या पहनें: हल्के रंग के हाफ-स्लीव (आधी आस्तीन) वाले शर्ट या टी-शर्ट और साधारण ट्राउजर/पैंट। पैरों में चप्पल या कम हील वाले सैंडल।
क्या न पहनें: फुल-स्लीव कपड़े, बड़ी बटन या कढ़ाई वाले कुर्ते, जींस और जूते (शूज़ पूरी तरह प्रतिबंधित हैं)।
महिला उम्मीदवारों के लिए:
क्या पहनें: हल्के रंग के साधारण हाफ-स्लीव सूट, कुर्ती या टी-शर्ट। साधारण चप्पल या ओपन सैंडल।
क्या न पहनें: भारी कढ़ाई, फैंसी स्लीव्स, ब्रोच या बड़ी बटन वाले कपड़े। हील्स, बूट्स या मोज़े पहनकर आने की अनुमति नहीं है।
गहने प्रतिबंधित: किसी भी प्रकार के आभूषण (सोना, चांदी या मेटल) जैसे- झुमके, अंगूठी, नाक की लौंग, चेन या हार पहनकर आने पर पूरी तरह रोक है।
क्या लाएं और क्या नहीं? (Checklist)
| 🟢 क्या साथ लाना अनिवार्य/अनुमति है | 🔴 क्या लाना सख्त मना है |
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| 1.नीट यूजी एडमिट कार्ड (Admit Card) |
1. मोबाइल, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस |
| 2.वैध फोटो आईडी (आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि) |
2. सामान्य घड़ी, वॉलेट, गॉगल्स, बेल्ट, कैप या हेयरबैंड |
| 3. पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ (अटेंडेंस शीट के लिए) |
3.खाने-पीने की चीजें (खुला या पैक्ड फूड) |
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4.पारदर्शी (Transparent) पानी की बोतल |
4.ज्योमेट्री बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, कोई भी कागज/चिट |
> नोट: परीक्षा हॉल में लिखने के लिए नीले/काले रंग का बॉलपॉइंट पेन NTA द्वारा केंद्र के अंदर ही उपलब्ध कराया जाएगा, इसलिए छात्रों को अपना पेन ले जाने की जरूरत नहीं है।
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री-NEET से पहले मॉक ड्रिल: क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
परीक्षा से ठीक एक दिन पहले देश भर के 5500 से अधिक केंद्रों पर NTA द्वारा एक व्यापक ‘मॉक ड्रिल’ (मॉक ट्रायल) आयोजित की गई। इस मॉक ड्रिल के पीछे की सबसे बड़ी वजहें निम्नलिखित हैं:
सिस्टम का ‘रियलिटी चेक’: हालिया पेपर लीक विवादों के बाद NTA की साख दांव पर है। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ग्राउंड लेवल पर लगाए गए 1.38 लाख कैमरे, बायोमेट्रिक मशीनें और 51 हजार जैमर्स ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं।
संवाद और लॉजिस्टिक्स की कमियों को सुधारना: प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से केंद्रों तक पहुंचाने (लॉजिस्टिक्स), सुरक्षा बलों और ऑब्जर्वर्स के बीच आपसी तालमेल को लाइव परखना ताकि मुख्य परीक्षा के दिन एक सेकंड की भी देरी या चूक न हो।
छात्रों और अभिभावकों में विश्वास जगाना: परीक्षा प्रणाली पर उठे सवालों के बाद, इस तरह की पारदर्शी और कड़ी मॉक ड्रिल से जनता और अभ्यर्थियों के बीच यह संदेश देना बेहद जरूरी था कि इस बार परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण में होगी।
डिजिटल और सोशल मीडिया अफवाहों पर रोक: मॉक ड्रिल के जरिए NTA की साइबर सेल ने टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी दावों और अफवाहों को ट्रैक करने के अपने डिजिटल सर्विलांस सिस्टम को भी टेस्ट किया।
NTA की इस बार की मुस्तैदी को देखकर साफ है कि एजेंसी किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है और यह री-एग्जाम पूरी तरह ‘फूलप्रूफ’ होने जा रहा है। सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं!




