लखनऊ में विधायक निवास की 7वीं मंजिल से गिरकर पूर्व मंत्री की मौत; हादसा, हत्या या खुदकुशी की मिस्ट्री सुलझाने में जुटी पुलिस

लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज (लालबाग) स्थित नए विधायक निवास (दारुलशफा परिसर) में मंगलवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राज्य सरकार में पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता नानकदीन भुर्जी (नानक राम भुर्जी) की 7वीं मंजिल से संदेहास्पद परिस्थितियों में गिरकर मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैल गई। आनन-फानन में पुलिस ने गंभीर रूप से घायल पूर्व मंत्री को श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कैसे हुई घटना?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे विधायक निवास के सुरक्षा कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को इमारत के पीछे किसी व्यक्ति के भारी आवाज के साथ गिरने की सूचना मिली।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि 68 वर्षीय नानकदीन भुर्जी बहुजन समाज पार्टी/सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के एक विधायक के फ्लैट (7वीं मंजिल) पर किसी काम से गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वहां उन्होंने स्टाफ से कॉफी लाने को कहा। जब कर्मचारी कॉफी लेकर कमरे में वापस लौटा, तो पूर्व मंत्री वहां मौजूद नहीं थे और कुछ ही देर बाद उनके नीचे गिरने की खबर आई।
7वीं मंजिल से गिरने के कारण उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं और दोनों पैर टूट गए थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
हत्या, आत्महत्या या हादसा? उलझी पुलिस
लखनऊ पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त (DCP) और एसीपी रजनीश वर्मा के अनुसार, मामले में फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पुलिस निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है:
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डिप्रेशन का एंगल: पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि पूर्व मंत्री पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव (डिप्रेशन) से जूझ रहे थे और अक्सर विधायक निवास परिसर में देखे जाते थे।
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सीसीटीवी (CCTV) फुटेज: विधायक निवास में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि गिरने से ठीक पहले उनके साथ कोई और मौजूद था या नहीं।
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फॉरेंसिक साक्ष्य: बालकनी की ऊंचाई, रेलिंग की स्थिति और गिरने के कोण की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए हैं।
समर्थकों और परिवार में मातम
पूर्व मंत्री के निधन की खबर मिलते ही बीजेपी नेताओं, समर्थकों और उनके परिजनों का सिविल अस्पताल में जमावड़ा लग गया। बीजेपी पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल समेत कई नेता अस्पताल पहुंचे।
लखनऊ के मड़ेहगंज (खदरा) के निवासी नानकदीन भुर्जी अपने पीछे पत्नी मंजू देवी, दो बेटे (उत्तम और शनि) तथा एक बेटी को छोड़ गए हैं। वह हिंदुस्तान पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके थे और बीजेपी संगठन में काफी सक्रिय थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और सीसीटीवी की गहन जांच के बाद ही मौत की असल वजह स्पष्ट हो सकेगी।




