साइबर अलर्ट: WhatsApp पर आया मैसेज और लिखा ‘NO’, बिना OTP शेयर किए खाते से उड़ गए ₹1.70 लाख; जानें फ्रॉड का नया तरीका

विशेष रिपोर्ट: देश में डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर ठगों ने ठगी का एक बेहद खतरनाक और नया तरीका ढूंढ निकाला है। इस नए ‘ऑटो-एक्ज़ीक्यूशन फ़ाइल अटैक’ के जरिए ठग बिना किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कराए या OTP मांगे ही लोगों के बैंक खाते साफ कर रहे हैं। ताजा मामले में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) केवल एक मैसेज का जवाब देने भर से ठगी का शिकार हो गए।
बिना OTP और लिंक के कैसे हुई ठगी?
यह सनसनीखेज मामला CA विष्णु कुमार अग्रवाल से जुड़ा है। उनके ICICI और IndusInd बैंक खातों से अचानक ₹1.70 लाख गायब हो गए। पीड़ित ने न तो किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया था और न ही किसी के साथ अपना OTP साझा किया था। उन्होंने केवल WhatsApp पर आए एक मैसेज का जवाब ‘NO’ में दिया था।
ठगी का यह नया तरीका कैसे काम करता है?
- फर्जी डेबिट अलर्ट: ठग शिकार के WhatsApp पर एक फर्जी मैसेज भेजते हैं, जिसमें लिखा होता है कि आपके बैंक खाते से ₹90,000 जैसी बड़ी रकम काट ली गई है।
- जवाब मांगने का जाल: इस मैसेज के तुरंत बाद एक और मैसेज आता है, जिसमें लिखा होता है— “यदि यह ट्रांजेक्शन आपने नहीं किया है, तो तुरंत ‘NO’ लिखकर जवाब दें।”
- छिपी हुई ऑटो-एक्ज़ीक्यूशन फ़ाइल: इस मैसेज के साथ बैकग्राउंड में एक खतरनाक ऑटो-एक्ज़ीक्यूशन फ़ाइल अटैच होती है।
- ‘NO’ लिखते ही हैक: जैसे ही यूजर घबराकर ‘NO’ लिखकर रिप्लाई करता है, वह फाइल तुरंत एक्टिवेट हो जाती है और हैकर्स को यूजर के मोबाइल फोन का पूरा एक्सेस और कंट्रोल मिल जाता है।
सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें ध्यान:
- अज्ञात मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें: यदि किसी अनजान नंबर से WhatsApp पर पैसे कटने का मैसेज आए, तो उस पर ‘YES’ या ‘NO’ का कोई रिप्लाई न करें और मैसेज को तुरंत डिलीट कर दें।
- ऑफिशियली जांचें: खाता बैलेंस या ट्रांजेक्शन चेक करने के लिए हमेशा बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप (Net Banking App) का ही इस्तेमाल करें।
- बैंक नहीं मांगते रिप्लाई: ध्यान रखें कि कोई भी बैंक WhatsApp मैसेज के जरिए ‘Yes/No’ में ट्रांजेक्शन कन्फर्मेशन नहीं मांगता।
- वेरिफाइड कस्टमर केयर: किसी भी शंका की स्थिति में केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए वेरिफाइड कस्टमर केयर नंबर पर ही संपर्क करें।




