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आधी रात चली तबादलों की आंधी: सुल्तानपुर को मिले इंद्रजीत सिंह, कुमार हर्ष अब बुलंदशहर के नए ‘कलेक्टर’।

उत्तर प्रदेश में बीती रात प्रशासनिक अमले में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने ब्यूरोक्रेसी में “तबादलों की आंधी” चलाते हुए 40 IAS अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए हैं। इस बड़ी कार्रवाई में 15 जिलों के जिलाधिकारी (DM) और 5 सीडीओ (CDO) को बदला गया है।

इस फेरबदल का असर प्रदेश के पश्चिमी छोर से लेकर पूर्वी अंचल तक साफ देखा जा रहा है। इसी क्रम में सुल्तानपुर और बुलंदशहर की कमान भी नए हाथों में सौंपी गई है।

ब्यूरोक्रेसी में बड़ा उलटफेर: मुख्य आकर्षण

सुल्तानपुर और बुलंदशहर में नई तैनाती

सबसे अधिक चर्चा सुल्तानपुर और बुलंदशहर के जिलाधिकारियों के अदला-बदली की है।

कुमार हर्ष: सुल्तानपुर के जिलाधिकारी रहे कुमार हर्ष को अब बुलंदशहर का नया डीएम बनाया गया है।

इंद्रजीत सिंह: विशेष सचिव (ऊर्जा) के पद पर तैनात रहे इंद्रजीत सिंह को सुल्तानपुर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

इन जिलों के भी बदले गए ‘कलेक्टर’

प्रशासनिक सुधार और कानून व्यवस्था को धार देने के लिए करीब 15 जिलों के मुखिया बदले गए हैं, जिनमें मुख्य नाम निम्नलिखित हैं:

| जिला | नए जिलाधिकारी (DM) | कहाँ से आए |

|—|—|—|

| झांसी | गौरांग राठी | उन्नाव से |

| सहारनपुर | अरविंद कुमार चौहान | शामली से |

| आगरा | मनीष बंसल | सहारनपुर से |

| लखीमपुर खीरी | अंजनी कुमार सिंह | मैनपुरी से |

| उन्नाव | घनश्याम मीणा | हमीरपुर से |

| शामली | आलोक यादव | झांसी विकास प्राधिकरण से |

| रायबरेली | सरनीत कौर ब्रोका | बाल विकास विभाग से |

| फतेहपुर | निधि गुप्ता वत्स | अमरोहा से |

| अमरोहा | नितिन गौड़ | हापुड़-पिलखुआ प्राधिकरण से |

अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां

दुर्गा शक्ति नागपाल: लखीमपुर खीरी की डीएम रहीं तेजतर्रार आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को पदोन्नत करते हुए देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है।

शशि भूषण लाल सुशील: इन्हें चीनी, गन्ना और एमएसएमई (MSME) विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है।

क्यों हुए इतने बड़े पैमाने पर तबादले?

शासन के सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल विकास कार्यों में तेजी लाने और जनशिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले जिलों में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से किया गया है। कई अधिकारियों को उनके बेहतर प्रदर्शन का इनाम मिला है, तो वहीं कुछ को फील्ड से हटाकर सचिवालय की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

बीती रात हुई इस कार्रवाई ने उत्तर प्रदेश के गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि एक साथ इतने जिलों के ‘सिंहासन’ हिलने से पूरी प्रशासनिक मशीनरी अब अलर्ट मोड पर आ गई है।

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