‘कैसा हराया’ डायलॉग से मशहूर AIMIM पार्षद सहर शेख की कुर्सी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र के लगे गंभीर आरोप

‘कैसा हराया’ डायलॉग से मशहूर AIMIM पार्षद सहर शेख की कुर्सी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र के लगे गंभीर आरोप
ठाणे (मुंब्रा): अपने तीखे तेवरों और “कैसा हराया” डायलॉग से सोशल मीडिया पर रातों-रात सुर्खियां बटोरने वाली ठाणे नगर निगम (TMC) की युवा पार्षद सहर शेख एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गई हैं। ठाणे के मुंब्रा इलाके के प्रभाग क्रमांक 30 से चुनाव जीतने वाली सहर शेख पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया है।
क्या है पूरा मामला?
सहर शेख ने 2026 के स्थानीय चुनावों में मुंब्रा से AIMIM के टिकट पर जीत दर्ज की थी। यह सीट OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी के लिए आरक्षित थी। अब शिकायतकर्ता सिद्दीकी फरहा शबाब अहमद ने आरोप लगाया है कि सहर शेख के पिता, युनूस इकबाल शेख, ने प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह करके फर्जी OBC जाति प्रमाणपत्र बनवाया है।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
सूत्रों और ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में ठाणे प्रशासन को शिकायत मिलने के बाद जांच तेज कर दी गई है:
- माइग्रेशन का मुद्दा: शिकायत में दावा किया गया है कि सहर शेख का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश से है, लेकिन उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर महाराष्ट्र से फर्जी जाति प्रमाणपत्र हासिल किया।
- अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप: आरोप है कि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए गलत फॉर्म्स (Form 10) का इस्तेमाल किया गया, जो प्रवासी नागरिकों (Migrants) के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन है।
- प्रशासनिक शिकंजा: ठाणे तहसीलदार और जाति सत्यापन समिति (Caste Validity Committee) ने सहर शेख के दस्तावेजों की सघन जांच शुरू कर दी है।
पार्षद पद पर मंडरा रहा है संकट
यदि सहर शेख के पिता का जाति प्रमाणपत्र अवैध घोषित कर दिया जाता है, तो कानूनन सहर शेख की पार्षद की सदस्यता रद्द की जा सकती है। महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के अनुसार, आरक्षित सीट पर गलत प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ना एक गंभीर अपराध है, जिसमें सदस्यता जाने के साथ-साथ भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक भी लग सकती है।
फरार होने की चर्चाओं से मचा हड़कंप
ताजा जानकारी के अनुसार, जब से यह विवाद गहराया है, सहर शेख और उनके पिता ‘नॉट रिचेबल’ बताए जा रहे हैं। मुंब्रा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कार्रवाई के डर से शेख परिवार भूमिगत हो गया है। हालांकि, अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक सफाई पेश नहीं की गई है।
विरोधियों के निशाने पर AIMIM
सहर शेख अपनी जीत के बाद ‘मुंब्रा को हरा रंगने’ जैसे विवादित बयानों को लेकर पहले भी चर्चा में रही थीं, जिसके लिए उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी थी। अब इस नए खुलासे के बाद स्थानीय राजनीति में हड़कंप मच गया है और विपक्षी दल उनकी बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं।




