सुलतानपुर में ‘बुलेट राजाओं’ पर गिरेगी गाज: पटाखा साइलेंसर पर 1 लाख जुर्माना और जेल की तैयारी।

सुलतानपुर: पटाखा छोड़ने वाली बाइकों पर काल बना प्रशासन, हाई कोर्ट के आदेश के बाद ‘एक्शन मोड’ में ARTO
सुलतानपुर। जिले की सड़कों पर कानफोड़ू आवाज और ‘पटाखा’ छोड़कर दहशत फैलाने वाले बुलेट राजाओं और स्टंटबाजों की अब खैर नहीं है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा ध्वनि प्रदूषण पर जताई गई कड़ी नाराजगी के बाद सुलतानपुर प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है।
मंगलवार को सहायक परिवहन अधिकारी (ARTO) प्रशासन अलका शुक्ला और यात्री कर अधिकारी (PTO) शैलेंद्र त्रिपाठी की अगुवाई में शहर के विभिन्न हिस्सों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई से मॉडिफाइड साइलेंसर का शौक रखने वाले युवाओं में हड़कंप मच गया है।
शोरूम और वर्कशॉप पर छापेमारी
प्रशासन की टीम ने केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि उन ठिकानों पर भी दस्तक दी जहाँ ये अवैध साइलेंसर बेचे और लगाए जाते हैं। टीम ने अमहट (लखनऊ हाईवे) स्थित बुलेट बाइक के शोरूम और सर्विस सेंटर पर अचानक छापेमारी की। अधिकारियों ने मालिकों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि किसी भी वाहन में स्टॉक साइलेंसर के अलावा पटाखे जैसी आवाज वाला मॉडिफाइड साइलेंसर लगाया गया, तो दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
भारी जुर्माने और जेल का प्रावधान
एआरटीओ अलका शुक्ला ने स्पष्ट किया कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले इन उपकरणों की बिक्री और उपयोग अब अपराध की श्रेणी में है। नए नियमों और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार:
- दुकानदारों के लिए: अवैध साइलेंसर बेचने या फिट करने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और 1 साल की जेल हो सकती है।
- वाहन स्वामियों के लिए: पकड़े जाने पर भारी चालान के साथ-साथ RC (पंजीकरण) निरस्त करने और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) सस्पेंड करने की कार्रवाई की जाएगी।
हॉटस्पॉट पर रहेगी पैनी नजर
शहर के MGS रोड स्थित पर्यावरण पार्क और अमहट क्षेत्र में शाम के समय अक्सर स्टंटबाजी और तेज आवाज वाली बाइकों का जमावड़ा रहता है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों को ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया है। आने वाले दिनों में यहाँ सादे कपड़ों में पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें तैनात रहेंगी।
जनता से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति तेज आवाज वाले साइलेंसर का प्रयोग करता है या कोई दुकानदार इन्हें बेच रहा है, तो उसकी फोटो या वीडियो प्रशासन को भेजें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
”हाई कोर्ट के सख्त निर्देश हैं कि ध्वनि प्रदूषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सुलतानपुर की सड़कें इन शोर मचाने वाले वाहनों से मुक्त नहीं हो जातीं।”
— अलका शुक्ला, एआरटीओ (प्रशासन), सुलतानपुर




