मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता बर्दाश्त नहीं! केंद्र ने ब्लॉक किए 5 और ओटीटी ऐप्स; 7 महीनों में 30 पर गिरी गाज।

भारत सरकार ने डिजिटल कंटेंट पर एक बार फिर बड़ी स्ट्राइक की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 5 ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स को देश में पूरी तरह से ब्लॉक करने का आदेश दिया है। इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील, आपत्तिजनक और अभद्र सामग्री (Obscene Content) परोसने का आरोप है।
अश्लीलता पर डिजिटल स्ट्राइक: मुख्य जानकारी
केंद्र सरकार ने मंगलवार (24 फरवरी, 2026) को यह कार्रवाई IT एक्ट 2000 की धारा 69A और IT नियम 2021 के तहत की है। मंत्रालय के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन इन्होंने नियमों का पालन नहीं किया।
1. ब्लॉक किए गए 5 OTT प्लेटफॉर्म्स की लिस्ट
सरकार ने जिन 5 ऐप्स और उनकी वेबसाइट्स पर प्रतिबंध लगाया है, वे हैं:
* MoodXVIP (मूडएक्स वीआईपी)
* Koyal Playpro (कोयल प्लेप्रो)
* Digi Movieplex (डिजी मूवीप्लेक्स)
* Feel (फील)
* Jugnu (जुगनू)
2. कार्रवाई का कारण
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद कंटेंट में:
- बिना किसी कहानी या सामाजिक संदेश के अत्यधिक अश्लील दृश्य दिखाए जा रहे थे।
- कई वीडियो में महिलाओं को गलत तरीके से पेश किया गया था, जो महिलाओं के अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 का उल्लंघन है।
- यह कंटेंट भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 292 और IT एक्ट की धारा 67/67A के तहत भी अवैध पाया गया।
3. पिछला एक्शन: 7 महीने पहले 25 प्लेटफॉर्म बैन
यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने ऐसी कार्रवाई की है। लगभग 7 महीने पहले (जुलाई 2025 में), सरकार ने एक साथ 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया था। उनमें Ullu और ALTT (एकता कपूर का पूर्व प्लेटफॉर्म) जैसे चर्चित नाम भी शामिल थे। तब भी सरकार ने साफ किया था कि मनोरंजन के नाम पर पोर्नोग्राफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार की सख्त गाइडलाइंस
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे कानून और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन करें।
ग्रीवांस ऑफिसर: हर ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए एक शिकायत अधिकारी रखना अनिवार्य है।
कंटेंट क्लासिफिकेशन: कंटेंट को उम्र के हिसाब से (जैसे U, A, 18+) कैटेगरी में बांटना जरूरी है।
अश्लीलता पर जीरो टॉलरेंस: सरकार ने साफ किया है कि अश्लील, हिंसक और राष्ट्र-विरोधी कंटेंट पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) को निर्देश दे दिए गए हैं कि इन ऐप्स और वेबसाइट्स का एक्सेस तुरंत बंद किया जाए। अब ये प्लेटफॉर्म भारत में काम नहीं करेंगे।




