सुलतानपुर बस स्टैंड पर गंदगी का ‘स्वागत’: शौचालय बदहाल, मल-मूत्र की दुर्गंध के बीच सफर करने को मजबूर यात्री।”

सुलतानपुर: परिवहन विभाग की बदहाली का शिकार यात्री, ‘महंगा सफर और गंदगी का नरक’ बना डिपो
सुलतानपुर। जनपद के परिवहन विभाग की व्यवस्थाएं इन दिनों पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी हैं। सुलतानपुर बस स्टेशन पर कदम रखते ही यात्रियों का स्वागत सुविधाओं से नहीं, बल्कि भयानक दुर्गंध और गंदगी से होता है। किराए में लगातार हो रही वृद्धि के बावजूद यात्रियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं शून्य बनी हुई हैं।
महंगा किराया, बदहाल सफर
यात्रियों का कहना है कि परिवहन निगम आए दिन किराए के दाम तो बढ़ा देता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें जर्जर बसें और गंदगी से भरे बस अड्डे मिलते हैं। आलम यह है कि डिपो की अव्यवस्था अब आम जनता के सब्र का बांध तोड़ रही है।
शौचालय की कमी: मल-मूत्र की दुर्गंध से यात्री बेहाल
सुलतानपुर डिपो की सबसे शर्मनाक तस्वीर स्वच्छता को लेकर है। यात्रियों ने अपनी शिकायत में कहा:
- स्वच्छ शौचालय का अभाव: डिपो परिसर में बने शौचालय इतने गंदे हैं कि वहां खड़ा होना भी मुश्किल है।
- दुर्गंध का साम्राज्य: उचित सफाई न होने के कारण चारों तरफ मल-मूत्र की दुर्गंध फैली रहती है, जिससे यात्रियों का डिपो पर रुकना मुहाल हो गया है।
महिलाओं की मुसीबत: महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय की कोई उत्तम व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।
सुलतानपुर डिपो की जमीनी हकीकत
“सुलतानपुर बस स्टैंड पर प्रवेश करते ही नाक पर रुमाल रखना पड़ता है। पीने का पानी हो या बैठने की जगह, हर तरफ अव्यवस्था है। विभाग सिर्फ किराया वसूलने में व्यस्त है, यात्रियों की सुविधा से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।” — एक स्थानीय यात्री
परिवहन विभाग की यह लापरवाही न केवल स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखा रही है, बल्कि यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस नरकीय स्थिति में सुधार करता है या यात्री यूं ही गंदगी के बीच सफर करने को मजबूर रहेंगे।




