दिल्ली पुलिस का ‘ऑपरेशन कुसुम’ सफल: 20 साल से सक्रिय ड्रग तस्कर का अंत, 11 केस थे दर्ज

दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ‘ड्रग्स क्वीन’ के नाम से कुख्यात कुसुम को गिरफ्तार कर लिया है। शाहदरा जिला पुलिस की टीम ने दो महीने के लंबे ऑपरेशन के बाद इस महिला तस्कर को दबोचा, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
दिल्ली की ‘ड्रग्स क्वीन’ गिरफ्तार: किलेनुमा घर से चलाती थी साम्राज्य
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के शाहदरा जिले के स्पेशल स्टाफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात महिला ड्रग तस्कर कुसुम को गिरफ्तार किया है। कुसुम दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके की रहने वाली है और उस पर मकोका (MCOCA) के तहत मामला दर्ज था। पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी और रोहिणी कोर्ट ने उसे ‘भगोड़ा’ (Proclaimed Offender) घोषित कर रखा था।
200 CCTV और 100 मोबाइल फोन की जांच
पुलिस के अनुसार, कुसुम बेहद शातिर अपराधी है। वह पुलिस से बचने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करती थी और लगातार अपनी लोकेशन, सिम कार्ड और मोबाइल हैंडसेट बदलती रहती थी। उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने:200 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
100 से ज्यादा मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) और डेटा का विश्लेषण किया।
दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।
अपराध में बेटियां और परिवार भी शामिल
हैरानी की बात यह है कि कुसुम ने अपने पूरे परिवार को इस काले धंधे में धकेल दिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि:
1. उसकी दो बेटियां, दीपा और चीकू, भी ड्रग तस्करी में शामिल थीं और उन्हें पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
2. उसका भाई हरिओम और सहयोगी रवि भी इस सिंडिकेट का हिस्सा थे।
3. कुसुम ने सुल्तानपुरी में छोटे स्तर पर ड्रग्स बेचना शुरू किया था, लेकिन धीरे-धीरे उसने अपना एक बड़ा संगठित नेटवर्क खड़ा कर लिया।
किलेनुमा घर और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कुसुम का सुल्तानपुरी स्थित घर किसी किले से कम नहीं था। उसने चार मकानों को आपस में जोड़कर एक बड़ा परिसर बनाया था, जिसमें मशीनी दरवाजे लगे थे। पूरे घर में हाई-टेक CCTV कैमरे लगे हुए थे और बाहर निगरानी के लिए लोग तैनात रहते थे ताकि पुलिस की भनक लगते ही वह फरार हो सके।
11 केस दर्ज और 2003 से सक्रिय
कुसुम का आपराधिक इतिहास दो दशक पुराना है। उस पर साल 2003 से 2024 तक NDPS एक्ट के तहत कुल 11 मामले दर्ज हैं। वह दिल्ली और आसपास के राज्यों में स्मैक और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले एक बड़े सिंडिकेट की मुख्य सरगना थी।
पुलिस का बयान: “यह एक बड़ी सफलता है। आरोपी महिला ने न केवल खुद अपराध किया बल्कि अपने बच्चों को भी इसमें शामिल किया। हम इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों और वित्तीय स्रोतों की जांच कर रहे हैं।”
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