सुलतानपुर: गोमती नदी में डूब रहे 3 किशोरों के लिए फरिश्ता बना 13 साल का राजकुमार, DM और SP ने बाल वीरता पुरस्कार से नवाजा

सुलतानपुर। जनपद के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र से इंसानियत और अदम्य साहस की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने पूरे जिले का दिल जीत लिया है। यहाँ 13 वर्षीय एक मासूम बच्चे ने अपनी जान की परवाह न करते हुए गोमती नदी में डूब रहे तीन किशोरों को मौत के मुँह से बाहर सुरक्षित निकाल लिया। इस जाँबाज बच्चे का नाम राजकुमार निषाद है, जिसकी बहादुरी को आज पूरा जनपद सलाम कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोमती नदी में तीन किशोर नहाने के लिए गए थे। नहाते समय अचानक पानी की गहराई का अंदाजा न मिलने के कारण तीनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। किशोरों को डूबता देख और उनकी चीख-पुकार सुनकर वहाँ मौजूद 13 वर्षीय राजकुमार निषाद ने पलक झपकते ही नदी में छलांग लगा दी।
अपनी उम्र और क्षमता की परवाह किए बिना, राजकुमार ने अदम्य साहस का परिचय दिया और एक-एक कर तीनों डूब रहे किशोरों को सुरक्षित नदी के किनारे ले आया। राजकुमार की इस सूझबूझ और बहादुरी के कारण तीन परिवारों के चिराग बुझने से बच गए।
कलेक्ट्रेट सभागार में मिला सम्मान
राजकुमार निषाद की इस हैरतअंगेज बहादुरी की गूंज जब प्रशासनिक गलियारों तक पहुँची, तो हर कोई इस नन्हे फरिश्ते की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाया। आज जिलाधिकारी (DM) इन्द्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) चारू निगम ने राजकुमार को कलेक्ट्रेट सभागार में आमंत्रित किया।
”राजकुमार ने जो साहस दिखाया है, वह युवाओं और समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। अपनी जान जोखिम में डालकर तीन जिंदगियां बचाना कोई मामूली बात नहीं है।”
— प्रशासनिक अधिकारी
सभागार में अधिकारियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच राजकुमार निषाद को ‘बाल वीरता पुरस्कार’ से सम्मानित किया। अधिकारियों ने राजकुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसकी पीठ थपथपाई और कहा कि ऐसे होनहार और बहादुर बच्चे जिले का गौरव हैं।
पूरे जनपद में हो रही है तारीफ
इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर आम जनता के बीच राजकुमार की बहादुरी के चर्चे हैं। लोग उसे “सुलतानपुर का रियल हीरो” और “नन्हा फरिश्ता” कहकर पुकार रहे हैं। राजकुमार के इस साहसिक कार्य ने यह साबित कर दिया है कि बहादुरी उम्र की मोहताज नहीं होती।



