कोरी समाज में हो रहा बिखराब,समाज बंधुओ से की अपील आना होगा एक मंच पर सामाजिक स्थिति, राजनीतिक स्थिति होगी मजबूत मिलेगी शक्ति
कोरी समाज में हो रहा बिखराब,समाज बंधुओ से की अपील आना होगा एक मंच पर सामाजिक स्थिति, राजनीतिक स्थिति होगी मजबूत मिलेगी शक्ति 
मंडल प्रभारी, गनेश कुमार माहौर
मथुरा। अखिल भारतीय कोली समाज रजिस्टर्ड नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एम एल माहौर कोली समाज में हो रहे बिखराव को देखते हुए सभी समाज बंधुओ से अपील की है कि पूरे भारत देश में 22 करोड़ की आबादी में कोली समाज निवास करता है किसी भी राजनीतिक पार्टी में कोली समाज की भागीदारी नहीं है राष्ट्रीय स्तर पर कोरी समाज के कई संगठन अलग-अलग काम करते हैं समाज के प्रबुद्ध शिक्षावध समाजसेवियों ने कोली समाज के संगठनों को एक मंच पर आने का एकता प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ बाबूलाल कोली ने बताया कि अखिल भारतीय कोली समाज (रजि.) नईदिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एम एल माहौर ने कोली समाज की एकजुटता का आह्वान किया है।सर्व विदित है कि अखिल भारतीय कोली समाज (रजि.) नईदिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर जी भाई बावलियां 14 जून2026 को दिल्ली में राष्ट्रीय अधिवेशन करने जा रहे हैं। वहीं वीरेन्द्र कश्यप भी 21जून 2026को कोली समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन करने जा रहे हैं।इस प्रकार तीन राष्ट्रीय अध्यक्ष वर्तमान में अखिल भारतीय कोली समाज के है जो की अलग-अलग संगठन द्वारा समाज हित में कार्य कर रहे हैं।
इस विभाजन को रोकने के लिए डॉ एम एल माहौर निरंतर प्रयास कर रहे है।उन्होंने कोली,कोरी समाज को एक सार्वजनिक पत्र जारी कर एक मंच पर आने का आह्वान किया है। जब तीनों संगठन मिलकर एक मंच पर काम करेंगे सामाजिक स्थिति,राजनीतिक स्थिति, एवं अनेक कार्यों में शक्ति मिलेगी डॉ एम एल माहौर ने कहा तीनों राष्ट्रीय अध्यक्ष लिखित रूप में शपथ पत्र देंगे और लॉटरी द्वारा तीनों के नाम डाले जाएंगे और जिसका भी नाम प्रथम आता है उनको अखिल भारतीय कोली समाज का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाएगा जिनका कार्यकाल 2 वर्ष का होगा बाकी दो अध्यक्षों को प्रमुख कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम करना होगा दूसरे नंबर और तीसरे नंबर के अध्यक्ष का भी कार्यकाल दो-दो वर्ष का होगा तीनों अध्यक्षों को लॉटरी द्वारा 7-7 प्रदेश आवंटित किए जाएंगे जिससे सभी प्रदेशों में समाज हित में काम किया जा सके तीनों राष्ट्रीय अध्यक्षों की सहमति से 50-50 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य की सूची ली जाएगी यानी कि संगठन में कुल सदस्य 150 होंगे। सभी को समन्वय होकर समाज हित में कार्य करना पड़ेगा। जब तीनों राष्ट्रीय अध्यक्षों का दो-दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो जाएगा तब 150 कार्यकारिणी सदस्य मिलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करेंगे तब पूरे भारत देश में अखिल भारतीय कोरी समाज का एक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर कार्य करेगा।




