बांदा में सपा का हल्लाबोल: राष्ट्रीय सचिव नीलम गुप्ता ने भाजपा सरकार के खिलाफ फूंका बिगुल, अवैध बालू खनन को लेकर सदर विधायक पर साधा सीधा निशाना

मुख्य बिंदु:
- सदर विधायक की सह पर फल-फूल रहा है अवैध बालू खनन: नीलम गुप्ता
- पेपर लीक मामले पर भावुक हुईं सपा नेता, छात्रों के लिए मुफ्त बस-ट्रेन पास की मांग की।
- थाने के अंदर हत्याएं हो रही हैं, डबल इंजन सरकार में घूसखोरी चरम पर: समाजवादी पार्टी
- अशोक लाट पर उमड़ा समाजवादियों का हुजूम, 2027 में सपा सरकार बनाने का संकल्प।
बांदा।
जनपद बांदा में बढ़ती महंगाई, चरमराई कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। सपा की राष्ट्रीय सचिव व कद्दावर नेता नीलम गुप्ता की अगुवाई में आज अशोक लाट पर समाजवादियों का भारी जमावड़ा लगा। अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वाली नीलम गुप्ता ने तीखे तेवर अपनाते हुए भाजपा सरकार और स्थानीय सदर विधायक पर जमकर हमला बोला।

विधायक की शह पर चल रहा अवैध खनन: नीलम गुप्ता
संवाददाताओं से रूबरू होते हुए नीलम गुप्ता ने बालू के अवैध खनन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विगत दिनों सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा अवैध खनन को लेकर दी गई नसीहत का जिक्र करते हुए सीधा आरोप लगाया कि,
”बांदा में सदर विधायक की शह पर ही बालू का अवैध खनन फल-फूल रहा है। इसी भ्रष्टाचार के खिलाफ आज समाजवादियों का यह आक्रोश आंदोलन और धरने के रूप में दिखाई दे रहा है।”
पेपर लीक और बदहाली पर भावुक हुईं राष्ट्रीय सचिव
छात्रों के भविष्य और पेपर लीक के मामलों पर बात करते हुए नीलम गुप्ता भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं, लेकिन इस सरकार की नाकामियों के कारण वे आज दर-दर भटकने को मजबूर हैं। 10 साल की डबल इंजन सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आज नालियां बजबजा रही हैं, साफ-सफाई ठप है और घूसखोरी का बोलबाला है। कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “जब थाने के अंदर हत्याएं हो रही हों, तो इससे बदतर स्थिति और क्या हो सकती है?”
समाजवादी पार्टी की प्रमुख मांगें:
धरना प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखीं:
- छात्रों के लिए मुफ्त यात्रा: परीक्षा के समय छात्रों को आने-जाने के लिए बस और ट्रेन का फ्री पास दिया जाए।
- शिक्षकों का उत्पीड़न बंद हो: शिक्षकों को बाहर निकालने वाले ‘तुगलकी फरमानों’ पर सरकार तुरंत पुनर्विचार करे।
- किसानों को राहत: किसानों के लिए बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था हो और फसल खरीद में पूरी पारदर्शिता लाई जाए।
- अधिवक्ताओं को सुविधाएं: नए अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और पुस्तकालय का निर्माण कराया जाए।
नीलम गुप्ता ने कहा कि जब ये बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी, तभी देश सही मायने में विश्व गुरु बनने की श्रेणी में आएगा। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि जनता इस जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है और 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।
प्रदर्शन में ये प्रमुख नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद:
इस विशाल विरोध प्रदर्शन में जिले के तमाम दिग्गज नेताओं सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्य रूप से:
एजाज खान, लालमन यादव, ईशान सिंह, श्याम बाबू खंगार, विदित त्रिपाठी, अशोक सिंह गौर, मुहम्मद आरिफ रानू, मोहन साहू, वृंदावन वैश्य, राजकुमार गुप्ता, रामचंद्र गुप्ता, उर्मिला वर्मा, किरण वर्मा, कुतैबा जमा खान, उमेश यादव, प्रमोद गुप्ता, नंदू यादव, कल्लू चौहान, मिश्री लाल यादव, रियाज खान, रामलाल प्रजापति, रामराज कैप्टन, किरण यादव, सत्यनारायण सोनकर, लाल यादव, सपा यादव, रवि दिवाकर, छोटू गुप्ता, नीरज खंगार, धर्मेंद्र खंगार, असलम खान, पवन साहू, निलेश श्रीवास, हिमांशु गुप्ता, मूरतध्वज खुराना, युसूफ खान, जितेंद्र अनुरागी, दिनेश यादव, शबाना मंसूरी, सुनीता रैकवार, रविन्द्र खंगार, सलमान, दिलशाद, कामिल खान, आनंदी निषाद, संजय खंगार, अरविंद खटीक, दीपक यादव, अमन यादव, रोहित गुप्ता, इरफान खान, रवि राजपूत, राम लखन राजपूत, शंकर, रामकरण पाल, कुलदीप कुशवाहा, सिद्धार्थ गुप्ता, राहुल यादव, चंदन सोनी, अंकुश विश्वकर्मा समेत सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।




